MP में सरकारी विभागों पर 2123 करोड़ बिजली बिल बकाया, उमंग सिंघार बोले “इसकी कीमत जनता चुका रही है”

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में बढ़ते बिजली बिलों को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ आम उपभोक्ताओं को हजारों रुपये के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, वहीं सरकारी विभाग स्वयं बिजली कंपनियों के हजारों करोड़ रुपये के देनदार बने हुए हैं। कांग्रेस नेता ने कहा

Jun 19, 2026 - 12:30
MP में सरकारी विभागों पर 2123 करोड़ बिजली बिल बकाया, उमंग सिंघार बोले “इसकी कीमत जनता चुका रही है”

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में बढ़ते बिजली बिलों को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ आम उपभोक्ताओं को हजारों रुपये के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, वहीं सरकारी विभाग स्वयं बिजली कंपनियों के हजारों करोड़ रुपये के देनदार बने हुए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली वितरण कंपनियों का करीब 2123 करोड़ बकाया है। उनका आरोप है कि इन बकाया राशियों की समय पर वसूली नहीं होने से बिजली कंपनियों को आर्थिक नुकसान होता है और इसकी भरपाई हर साल बिजली टैरिफ बढ़ाकर आम जनता से की जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने विभागों से बिल वसूलने में नाकाम है, लेकिन उसका बोझ उपभोक्ताओं पर डाल दिया जाता है।

बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि यदि कोई आम उपभोक्ता बिजली बिल जमा नहीं करता तो उसके खिलाफ कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई तुरंत की जाती है, लेकिन सरकारी विभागों पर हजारों करोड़ रुपये का बकाया होने के बावजूद कोई कठोर कदम क्यों नहीं उठाया जाता। उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए कहा कि सरकार की गैर-जिम्मेदारी का खामियाजा आम नागरिक भुगत रहा है।

जनता पर अतिरिक्त भार डालने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार में बिजली कंपनियों का घाटा, विभागों की लापरवाही और वित्तीय कुप्रबंधन का बोझ सीधे जनता की जेब पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले से ही महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत से लोग परेशान हैं, ऐसे में लगातार बढ़ते बिजली बिल उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक संकट पैदा कर रहे हैं।

बता दें कि मध्यप्रदेश में बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग समय-समय पर बकाया बिजली देयों की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाते रहे हैं। हाल के वर्षों में बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं से हजारों करोड़ रुपये के बकाया बिलों की वसूली के लिए समाधान योजनाएं भी शुरू की थीं, जिनका उद्देश्य वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना बताया गया था। इसे लेकर कांग्रेस का आरोप है कि यदि सरकारी विभागों के बकाया समय पर वसूले जाएं और बिजली वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए तो आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त टैरिफ वृद्धि का दबाव कम किया जा सकता है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।