पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी पर हमला, भतीजे से मिलने अस्पताल पहुंचीं ममता बनर्जी, बोलीं- शासक बने हत्यारे, भाजपा पर शर्म आती है

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तीखी नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप का दौर सामने आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में एक नृशंस हमले का शिकार हुए। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिसके बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की

May 30, 2026 - 21:30
पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी पर हमला, भतीजे से मिलने अस्पताल पहुंचीं ममता बनर्जी, बोलीं- शासक बने हत्यारे, भाजपा पर शर्म आती है

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तीखी नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप का दौर सामने आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में एक नृशंस हमले का शिकार हुए। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिसके बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधे तौर पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को स्पष्ट रूप से जिम्मेदार ठहराया है, यहां तक कि अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर उन्हें ‘हत्यारा’ तक करार दिया है। इस आरोप ने राजनीतिक तापमान को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे राज्य में व्याप्त राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की गंभीरता उजागर हुई है।

ममता बनर्जी ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से साझा किए गए एक वीडियो पोस्ट को पुनः साझा करते हुए मात्र एक पंक्ति में अपनी गहरी नाराजगी और पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “शासक बने हत्यारे… भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर शर्म आती है।” यह टिप्पणी सीधे तौर पर भाजपा पर न केवल हमले को अंजाम देने, बल्कि राज्य में एक हिंसक राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाती है। यह कथन सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेता द्वारा मुख्य विपक्षी दल पर लगाया गया एक अत्यंत गंभीर आरोप है, जो इस घटना के राजनीतिक परिणामों की गहराई को दर्शाता है।

अभिषेक से मिलने अस्पताल पहुंची ममता बनर्जी

घटना के तत्काल बाद, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से मिलने शनिवार, 30 मई, 2026 की शाम कोलकाता स्थित अपोलो अस्पताल पहुंचीं। अभिषेक बनर्जी, जो सोनारपुर हमले में घायल हुए थे, वहां इलाजरत हैं। ममता की यह अस्पताल यात्रा न केवल पारिवारिक संवेदना का प्रदर्शन थी, बल्कि पार्टी के भीतर अभिषेक बनर्जी के महत्व और इस हमले के प्रति पार्टी के गंभीर रुख को भी रेखांकित करती है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का इतिहास रहा है और किसी भी प्रमुख नेता पर हमला राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

तृणमूल कांग्रेस ने सीएम शुभेंदु अधिकारी पर बोला हमला

इस पूरे प्रकरण में तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर भी तीखा हमला बोला है। पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा, “शुभेंदु अधिकारी, आज की घटनाओं ने एक बार उस राजनीति को उजागर कर दिया है, जिसकी आप अगुवाई करते हैं। एक ऐसी राजनीति जो डराने और धमकाने, हिंसा और बदले पर आधारित है।” यह आरोप सीधे तौर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की राजनीतिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है और उन्हें राज्य में बढ़ती राजनीतिक हिंसा के लिए परोक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराता है। तृणमूल कांग्रेस का यह बयान विपक्षी नेताओं के प्रति भाजपा की कथित शत्रुतापूर्ण नीति को भी दर्शाता है।

अभिषेक बनर्जी पर हुए इस हमले और उसके बाद ममता बनर्जी द्वारा भारतीय जनता पार्टी पर लगाए गए ‘हत्यारा’ होने के गंभीर आरोप ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक फिजां को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में अभिषेक बनर्जी की केंद्रीय भूमिका को देखते हुए, उन पर हुए किसी भी हमले को तृणमूल कांग्रेस अपने खिलाफ एक बड़े राजनीतिक षड्यंत्र के रूप में देख रही है। ममता बनर्जी का अस्पताल पहुंचकर अपने भतीजे का हालचाल पूछना और साथ ही भाजपा पर सीधे हमला करना, यह स्पष्ट करता है कि तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे को हल्के में लेने के मूड में नहीं है और आगामी चुनावों या राजनीतिक परिदृश्य में इसका गहरा असर देखा जा सकता है। यह घटना राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को और तेज करेगी और आगामी दिनों में इस पर और अधिक राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलेंगी।