CDS जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल हुआ पूर्ण, तीनों सेनाओं ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी विदाई
चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान आज अपने पद से रिटायर्ड हो गए हैं। लगभग चार दशक से ज्यादा लंबे समय तक सैन्य सेवा देने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से विदाई दी गई है। इस दौरान को अपने कार्यकाल को बहुत ही शानदार और संतोषजनक बताते हुए दिखाई दिए। बता दें कि रिटायर्ड होने
चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान आज अपने पद से रिटायर्ड हो गए हैं। लगभग चार दशक से ज्यादा लंबे समय तक सैन्य सेवा देने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से विदाई दी गई है। इस दौरान को अपने कार्यकाल को बहुत ही शानदार और संतोषजनक बताते हुए दिखाई दिए।
बता दें कि रिटायर्ड होने से पहले नई दिल्ली में साउथ ब्लॉक के लॉन में उन्हें औपचारिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। यह देश के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी के तौर पर उनके कार्यकाल के समापन के प्रतीक के तौर पर किया गया।
CDS जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल पूरा
गार्डन ऑफ़ ऑनर दिए जाने के बाद जनरल चौहान नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे। यहां पर उन्होंने देश की सेवा करते हुए बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस समारोह के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और उन्हें दिए गए सम्मान के लिए आभार व्यक्त कर सेना में अपने लंबे सफर को याद किया।
STORY | Gen Chauhan wraps up ‘very satisfying’ tenure as CDS; Lt Gen Subramani to take charge Sunday
Outgoing Chief of Defence Staff Gen Anil Chauhan on Saturday described his tenure as “very satisfying” as he wrapped up a three-year-and-eight-month stint at the top military… pic.twitter.com/GAlWCRit1n
— Press Trust of India (@PTI_News) May 30, 2026
क्या बोले चौहान
इस दौरान चौहान ने कहा कि तीनों सेना के गार्ड ऑफ ऑनर के साथ रिटायर होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मैं तीनों सेनाओं के आईडीएस मुख्यालय का धन्यवाद करना चाहता हूं। इसके समापन के साथ मैं वर्दी में अपने साथियों और अपने हमसफरों को हमेशा के लिए विदाई देता हूं। इस दौरान अपनी यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि ये पल उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत मायने रखता है क्योंकि यह वर्दी में देश के शहीद नायकों के लिए उनकी अंतिम श्रद्धांजलि थी।
चौहान ने कहा कि मैं अभी-अभी युद्ध स्मारक पर वर्दी में आखिरी बार पुष्प चक्र अर्पित किया है। उन लोगों को एक विनम्र श्रद्धांजलि जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी। इसके बाद मेरे दोस्तों, रिश्तेदार और शुभचिंतकों ने मेरा स्वागत किया। यह वर्दी से नागरिक जीवन में बदलाव का प्रतीक है। मेरा कार्यकाल बेहतरीन और संतोषजनक रहा।
कैसा रहा कार्यकाल
बता दें कि 1981 में जनरल अनिल चौहान ने भारतीय सेना में कमीशन हासिल किया था। उन्होंने 40 साल से भी ज्यादा समय तक देश की सेवा की और कमांड, ऑपरेशनल और स्टाफ पदों पर काम किया। एक अनुभवी लीडर के रूप में उन्होंने अपनी पहचान बनाई और रणनीतिक से लेकर ऑपरेशनल नीतियों को आकार देने में मुख्य भूमिका निभाई।
अपने करियर के दौरान चौहान को परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। जब वो चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे, तब उन्होंने भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच एकीकरण और तालमेल को बेहतर बनाने के प्रयास किए।