सीएम डॉ. मोहन यादव के विज़न “60 मिनिट एक्सेस” और UIMR से बदलेगी सवा करोड़ लोगों की ज़िन्दगी, मालवा से होगा विकसित मध्य प्रदेश का सूर्योदय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के तहत अब मालवा मध्यप्रदेश के विकास का नया अध्याय लिखने जा रहा है। यूनिफाइड इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) की प्रस्तावित योजना प्रदेश के आर्थिक इंजन को नई गति देगी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना 16 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैलेगी, जिसका सीधा लाभ इंदौर, उज्जैन, देवास, धार,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के तहत अब मालवा मध्यप्रदेश के विकास का नया अध्याय लिखने जा रहा है। यूनिफाइड इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) की प्रस्तावित योजना प्रदेश के आर्थिक इंजन को नई गति देगी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना 16 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैलेगी, जिसका सीधा लाभ इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जैसे छह जिलों की 38 तहसीलों और 2781 गांवों में निवास करने वाले करीब सवा करोड़ लोगों को मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य इंदौर जैसे बड़े महानगरीय शहर के विकास के लाभों को आसपास के छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन दूर हो सके और सभी क्षेत्रों का समावेशी विकास सुनिश्चित हो।
इस वृहद योजना के अंतर्गत, 13,500 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 14 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने हैं। इन पार्कों के माध्यम से लगभग 5 लाख नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है, जो स्थानीय युवाओं के लिए बड़े अवसर लेकर आएंगे। औद्योगिक विकास की दिशा में पीथमपुर को इलेक्ट्रिक व्हीकल और एडवांस इंजीनियरिंग हब के तौर पर विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। इसी तरह, उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी को एंकर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है, जबकि रतलाम को लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात केंद्र के तौर पर महत्वपूर्ण पहचान मिलेगी। यह क्षेत्रीय विशेषज्ञता इन क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगी।
मेट्रो विस्तार परियोजनाओं से मजबूत होगी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ’60 मिनट एक्सेस’ विजन लागू किया जाएगा। इसका अर्थ है कि प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक एक घंटे के भीतर पहुंच संभव हो सकेगी, जिससे व्यापार और आवागमन सुगम होगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं। साथ ही, मेट्रो विस्तार परियोजनाएं भी कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। यूआईएमआर क्षेत्र को सीधे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) और देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
UIMR परियोजना से किसानों को फायदा
किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में देश का एक अनूठा लैंड पूलिंग मॉडल लागू किया गया है। इसके पहले चरण में 17 गांवों के किसानों को उनकी 60 प्रतिशत विकसित भूमि वापस दी जाएगी, जिससे वे भी विकास प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें। इसके अतिरिक्त, देवास, धार, मक्सी और शाजापुर को ग्रोथ नोड के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कदम क्षेत्रीय स्तर पर संतुलित विकास सुनिश्चित करेगा और इन क्षेत्रों को आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बनाएगा।
पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को दी गई प्राथमिकता
पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को भी इस विकास मॉडल में प्राथमिकता दी गई है। ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट नीति के तहत जल स्रोतों और वन क्षेत्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणाली और अक्षय ऊर्जा आधारित कार्बन न्यूट्रल औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बना रहे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक पर्यटन का जीडीपी में योगदान 10 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इस दिशा में उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू और महेश्वर को जोड़कर एक विशेष आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा, जो पर्यटकों को आकर्षित करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल देगा।
मालवा बनेगा मध्यप्रदेश के विकास का स्थायी और सशक्त स्तंभ
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, मध्यप्रदेश महानगरीय क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम-2025 के तहत एक मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी का गठन होगा। यह अथॉरिटी जियोस्पेशियल तकनीक और डेटा आधारित योजना के जरिए अगले 20 से 50 वर्षों की बुनियादी ढांचागत जरूरतों को पूरा करने के लिए विकास सुनिश्चित करेगी। यह दीर्घकालिक दृष्टिकोण मालवा क्षेत्र को मध्यप्रदेश के विकास का एक स्थायी और सशक्त स्तंभ बनाएगा।