राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा तोहफा! जल्द कैबिनेट में आएगा यह प्रस्ताव
मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य की मोहन सरकार कर्मचारियों-पेंशनभोगियों के लिए ₹20 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की तैयारी में है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता
मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य की मोहन सरकार कर्मचारियों-पेंशनभोगियों के लिए ₹20 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की तैयारी में है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिवों की समिति ने प्रशासनिक मंज़ूरी भी दे दी है। अब अंतिम मुहर के लिए इसे जल्द कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। यहां से प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद आदेश जारी किए जाएंगे।
11 लाख से ज्यादा कर्मचारियों-पेंशनभोगियों को मिलेगा लाभ
इसका लाभ राज्य के लगभग 11 लाख नियमित कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनभोगी को मिलेगा। कर्मचारी और पेंशनर के साथ उनके पति-पत्नी, माता-पिता, आश्रित दो बच्चे, दत्तक बच्चे, तलाकशुदा पुत्री भी योजना में शामिल होंगे।
किस तरह मिलेगा लाभ
- कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रत्येक कर्मचारी और पेंशनभोगी के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर रहेगा। इसके अलावा ओपीडी, दवाइयों और मेडिकल उपकरणों के लिए हर साल 20 हजार रुपए अलग से दिए जाएंगे। उपकरण और इम्प्लांट का व्यय CGHS पैकेज दरों के अनुसार कवर किया जाएगा।
- इसके लिए कर्मचारियों से मूल वेतन का 1% और पेंशनभोगियों से 4% मासिक अंशदान (प्रीमियम) लिया जाएगा।
कहां मिलेगा इलाज?
योजना के तहत अस्पतालों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है:
- आयुष्मान संबद्ध अस्पताल: प्रदेश के वे सभी निजी और सरकारी अस्पताल जो पहले से आयुष्मान योजना से जुड़े हैं।
- CGHS अस्पताल: भारत सरकार की स्वास्थ्य योजना (CGHS) से संबद्ध अस्पताल।
- बाहरी राज्य: मध्य प्रदेश के बाहर भी चिन्हित उच्च गुणवत्ता वाले विशिष्ट अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी।
डिजिटल आइडी कार्ड बनाए जाएंगे
- योजना के अंतर्गत कर्मचारी का फोटोयुक्त यूनिक डिजिटल आइडी कार्ड बनाया जाएगा।
- कर्मचारी का पंजीयन एमपी राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम लिमिटेड (MPSEDC) के माध्यम से होगा।
- आश्रितों की जानकारी कार्यालय प्रमुख द्वारा अनुमोदित की जाएगी और प्रत्येक वर्ष सत्यापन अनिवार्य करवाना होगा।
- पेंशनर का पंजीयन उनके पेंशनर कोड के आधार पर होगा। कार्ड में पेंशनर के पे-बैंड और विभाग का विवरण भी शामिल होगा।
- योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी करेगी जिसमें कानूनी, बीमा और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। क्लेम प्रोसेसिंग, हेल्थ पैकेज और अस्पतालों की संबद्धता की निगरानी के लिए तकनीकी टीम का गठन और एक टास्क फोर्स भी बनाया जाएगा। ये योजना की समय-समय पर समीक्षा करेंगे और नीतिगत निर्णयों से जुड़े मामलों की देखरेख भी करेंगे।