हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर MP कांग्रेस का हमला, राहुल गांधी की FIR पर कमलनाथ, पटवारी और सिंघार ने उठाए सवाल

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने और इसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने को लेकर सियासी घमासान जारी है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस […]

Aug 31, 2026 - 13:30
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर MP कांग्रेस का हमला, राहुल गांधी की FIR पर कमलनाथ, पटवारी और सिंघार ने उठाए सवाल

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने और इसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने को लेकर सियासी घमासान जारी है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव के मुद्दे से जोड़ते हुए राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने पर सवाल उठाए हैं।

कमलनाथ बोले “भाजपा चोरी और सीनाजोरी पर उतर आई”

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ‘चोरी और सीनाजोरी’ पर उतर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद सभा स्थल का ‘शुद्धिकरण’ कर दलितों का अपमान किया गया। कमलनाथ ने कहा कि जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना का विरोध किया तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय राहुल गांधी के खिलाफ ही गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी न सिर्फ दलितों का अपमान करती है, बल्कि दलितों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वालों का भी उत्पीड़न करती है। उन्होंने कहा कि देश का दलित समाज इस अन्याय और अपमान के लिए भाजपा को सबक सिखाएगा।

जीतू पटवारी ने कहा “अपराध के खिलाफ बोलने वालों पर मुकदमे”

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली स्थल का ‘शुद्धिकरण’ करवाया और जब राहुल गांधी ने छुआछूत के इस मुद्दे को उठाया तो उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करवा दी गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपराध करने वालों को संरक्षण दे रही है और अपराध के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज करवा रही है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को भाजपा और आरएसएस की दलित विरोधी सोच से जोड़ते हुए कहा कि इस व्यवस्था में दलितों के लिए कोई जगह नहीं होने की बात सामने आती है। उन्होंने कहा कि देश का हर दलित, शोषित और वंचित व्यक्ति जानता है कि उसकी आवाज कौन उठा रहा है और उसके अधिकारों को दबाने में कौन लगा है।

उमंग सिंघार बोले “एफआईआर से सवाल नहीं दबेंगे”

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की रैली स्थल के ‘शुद्धिकरण’ की घटना और उसके बाद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करती है। उन्होंने सवाल किया कि जब छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई गई तो उस आवाज को दबाने के लिए एफआईआर क्यों दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राहुल गांधी का सवाल नहीं है बल्कि देश के करोड़ों दलितों, शोषितों और वंचितों के सम्मान और अधिकार का सवाल है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब भाजपा शासन में दलितों का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा तो आम दलित व्यक्ति की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

क्या है मामला

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी की सभा को संबोधित किया था। इसके दो दिन बाद उसी जगह पर कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर हवन किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खड़गे के दलित होने के कारण उनके कार्यक्रम के बाद मंच और सभा स्थल का शुद्धिकरण किया गया। कांग्रेस ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव से जोड़ते हुए विरोध जताया।

विवाद उस समय और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने 29 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना को छुआछूत और दलितों के अपमान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी

राहुल गांधी द्वारा मामले में कार्रवाई की मांग किए जाने के अगले दिन उनके खिलाफ हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत एक वाल्मीकि समुदाय से जुड़े व्यक्ति की ओर से की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने सामान्य धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत रंग देकर अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को आहत किया और समाज में वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की। मामले में एससी-एसटी एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की धाराएं लगाई गई हैं।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।