इंदौर में जल संकट पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, राजबाड़ा पर खाली मटके लेकर पहुंचीं महिलाएं, महापौर से की इस्तीफे की मांग

इंदौर के राजबाड़ा पर मंगलवार को कांग्रेस ने जल संकट को लेकर हल्ला बोला। दरअसल शहर में लगातार गहराते पानी के संकट को लेकर कांग्रेस के कई नेता, कार्यकर्ता, महिलाएं और अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे रहवासी सड़क पर उतर आए। वहीं राजबाड़ा “पानी दो”, “महापौर इस्तीफा दो” और “महापौर मुर्दाबाद” के नारों से गूंज उठा।

May 26, 2026 - 21:30
इंदौर में जल संकट पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, राजबाड़ा पर खाली मटके लेकर पहुंचीं महिलाएं, महापौर से की इस्तीफे की मांग

इंदौर के राजबाड़ा पर मंगलवार को कांग्रेस ने जल संकट को लेकर हल्ला बोला। दरअसल शहर में लगातार गहराते पानी के संकट को लेकर कांग्रेस के कई नेता, कार्यकर्ता, महिलाएं और अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे रहवासी सड़क पर उतर आए। वहीं राजबाड़ा “पानी दो”, “महापौर इस्तीफा दो” और “महापौर मुर्दाबाद” के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। राजबाड़ा और आसपास की इमारतों की छतों से भी पुलिस ने पूरे प्रदर्शन पर निगरानी रखी।

दरअसल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने महापौर, एमआईसी सदस्यों, पार्षदों, विधायकों, सांसदों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को घेरते हुए कहा कि इंदौर की जनता जहरीला पानी पीने को मजबूर है। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि शहर का 90 प्रतिशत पानी जहरीला हो चुका है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है, लेकिन नगर निगम और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि समाधान निकालने में विफल साबित हो रहे हैं। पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस तीन दिन के भीतर पानी की गुणवत्ता और जल संकट को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। उन्होंने साफ कहा कि जनता को साफ पानी उपलब्ध कराना सरकार और नगर निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन जिम्मेदार अपनी जवाबदेही निभाने में विफल रहे हैं और जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं से दूर हैं।

पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने महापौर पर साधा निशाना

दरअसल धरने में शामिल हुए पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने महापौर पर जमकर निशाना साधा और उन्हें “ऐक्सिडेंटल महापौर” बताया। उन्होंने कहा कि शहर में जनता पानी के लिए परेशान है, लेकिन नगर निगम समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है। वहीं धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में खाली मटके, खाली पानी की बोतलें, तख्तियां और पोस्टर लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि पहले दूषित पानी दिया गया और अब पानी ही नहीं मिल रहा। कांग्रेस नेता रीना बोरसी सेतिया भी हाथ में खाली मटकी लेकर प्रदर्शन में शामिल हुईं। प्रदर्शन में शामिल लोगों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए पानी की बौछार की गई, वहीं प्रदर्शनकारी लगातार “पानी दो” के नारे लगाते रहे।

महिलाएं हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर राजबाड़ा पहुंचीं

वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना था कि शहर की कई कॉलोनियों, बस्तियों और मोहल्लों में लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। टैंकरों से भी जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। महिलाएं हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर राजबाड़ा पहुंचीं और पानी की समस्या को लेकर नगर निगम और महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

राजबाड़ा पर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय की ओर बढ़े। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने से पहले ही नगर निगम कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर मुख्य गेट बंद कर दिया गया था। नगर निगम का गेट बंद देख कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। इस दौरान मटके फोड़ने को लेकर पुलिस और कांग्रेसियों के बीच भारी धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन गई। विरोध के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई मटके फोड़े और बाद में एक मटका बैरिकेड्स के पार नगर निगम के गेट की ओर फेंक दिया।

धरना-प्रदर्शन के चलते पुलिस ने खजुरी बाजार की ओर से आने वाले ट्रैफिक को गली मार्ग की तरफ डायवर्ट कर दिया था। प्रदर्शन के दौरान लगातार अलग-अलग क्षेत्रों से लोग समर्थन देने पहुंचते रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल संकट का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, बाद में प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों द्वारा मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।