K Annamalai: अन्नामलाई का भाजपा से इस्तीफा, दोपहर 12 आज करेंगे अपने समर्थकों और जनता से सीधे संवाद
तमिलनाडु भाजपा के राजनीतिक गलियारों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई के इस्तीफे की खबर ने अटकलों को और हवा दे दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनकी प्राथमिक सदस्यता से दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। इस घटनाक्रम के साथ ही अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही
तमिलनाडु भाजपा के राजनीतिक गलियारों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई के इस्तीफे की खबर ने अटकलों को और हवा दे दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनकी प्राथमिक सदस्यता से दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। इस घटनाक्रम के साथ ही अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को बल मिला है। आज अन्नामलाई दोपहर 12 बजे सोशल मीडिया पर अपने समर्थकों और जनता से सीधे संवाद करेंगे, जहां वह अपने आगे की योजनाओं का खुलासा कर सकते हैं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई, जिन्हें उनके समर्थक ‘सिंघम’ के नाम से जानते हैं, ने वर्ष 2020 में भाजपा का दामन थामा था। पार्टी में शामिल होने के एक वर्ष बाद ही उन्हें तमिलनाडु भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य में भाजपा की उपस्थिति को मजबूत करने का प्रयास किया। हाल ही में उनकी दिल्ली यात्रा और भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ हुई मुलाकातों के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य को लेकर विभिन्न प्रकार की अटकलें लगाई जा रही थीं।
अन्नामलाई ने 2 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद चेन्नई और कोयंबटूर सहित कई प्रमुख स्थानों पर उनके समर्थकों ने पोस्टर लगाए थे। इन पोस्टरों में उन्हें ‘थलाइवर’ (नेता) और ‘निडर सोच वाला नेता’ कहकर संबोधित किया गया था, जो उनके प्रति समर्थकों के गहरे विश्वास और अपेक्षाओं को दर्शाता है। कुछ समर्थकों ने तो उनके नेतृत्व में एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत की वकालत भी की थी, जिससे उनके अगले कदम को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई थी।
भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से अन्नामलाई के इस्तीफे को नितिन नवीन द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद, अब सभी की निगाहें उनके आज दोपहर के सोशल मीडिया संवाद पर टिकी हैं। गुरुवार को ही अन्नामलाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह घोषणा की थी कि वह शुक्रवार को अपने विचार साझा करेंगे और लोगों के साथ खुलकर बातचीत करेंगे। माना जा रहा है कि इस संवाद के दौरान वह अपनी दिल्ली यात्रा के विवरण, भाजपा नेतृत्व के साथ हुई चर्चाओं और अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह किसी नई पार्टी की घोषणा करते हैं, या किसी अन्य राजनीतिक भूमिका की ओर संकेत करते हैं। उनके इस कदम का तमिलनाडु की राजनीति पर निश्चित रूप से व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है।