MP के मां बगलामुखी मंदिर में दान पर अनियमितताओं के आरोप, उमंग सिंघार बोले “हर रुपये और आभूषण का हिसाब सार्वजनिक किया जाए”

मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं के दान और सोना-चांदी के आभूषणों के प्रबंधन को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगने लगे हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उमंग सिंघार ने मंदिरों में दान व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाए

Jul 8, 2026 - 10:30
MP के मां बगलामुखी मंदिर में दान पर अनियमितताओं के आरोप, उमंग सिंघार बोले “हर रुपये और आभूषण का हिसाब सार्वजनिक किया जाए”

मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं के दान और सोना-चांदी के आभूषणों के प्रबंधन को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगने लगे हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उमंग सिंघार ने मंदिरों में दान व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे और महाकाल से जुड़े विवादों के बाद अब मां बगलामुखी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दान पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर में नकद चढ़ावे और सोना-चांदी के आभूषणों में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप इतने गंभीर हैं कि जिला प्रशासन को जांच समिति गठित करनी पड़ी। उन्होंने मांग की है कि मां बगलामुखी के भक्तों की आस्था से जुड़े प्रत्येक रुपये और प्रत्येक आभूषण का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए।

क्या है मामला 

आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित मां बगलामुखी मंदिर मध्यप्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों और तांत्रिक साधना स्थलों में गिना जाता है। यहां सालभर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन, पूजा और विशेष अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। मंदिर का प्रबंधन शासकीय व्यवस्था के तहत संचालित होता है और श्रद्धालुओं से प्राप्त दान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा कराया जाता है।

हाल के दिनों में मंदिर के रजत सौंदर्यीकरण अभियान के दौरान श्रद्धालुओं से प्राप्त नकद दान, स्वर्ण और रजत आभूषणों के संग्रह और उनके उपयोग को लेकर शिकायतें सामने आईं। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि अधिकृत मंदिर प्रबंधन के अलावा एक गैर-शासकीय समिति के माध्यम से भी दान एकत्र किया गया और उसके वित्तीय प्रबंधन में अनियमितताएं हुईं। इन शिकायतों के बाद आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा 

इस मामले पर उमंग सिंघार ने कहा है कि नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं के दान और आभूषणों से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि भक्तों की आस्था से जुड़े प्रत्येक रुपये और प्रत्येक आभूषण का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए, ताकि दान व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।