मध्य प्रदेश पर मानसून मेहरबान, नदी-नाले उफान पर, आज भी 28 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज-येलो अलर्ट, 4 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
मानसून की मेहरबानी से मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है। नदी-नाले उफान पर आ गए। पन्ना, छतरपुर और खंडवा जैसे जिलों में जलभराव के चलते बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। मंगलवार को प्रदेश के 29 जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक पौने दो इंच बारिश खजुराहो में हुई। लगातार
मानसून की मेहरबानी से मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है। नदी-नाले उफान पर आ गए। पन्ना, छतरपुर और खंडवा जैसे जिलों में जलभराव के चलते बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। मंगलवार को प्रदेश के 29 जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक पौने दो इंच बारिश खजुराहो में हुई। लगातार बारिश से कई मार्गों की आवाजाही प्रभावित रही।
बुधवार को 28 जिलों में अति भारी से भारी बारिश के लिए ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 4 से 8 इंच तक वर्षा होने की संभावना है। साथ ही 28 जिलों में झंझावात व वज्रपात के साथ 40-50 किमी प्रति घंटा झोंकेदार हवा चलने की संभावना है। फिलहाल अगले चार पांच दिन मौसम का मिजाज यूही बना रहने वाला है। मौसम विभाग ने 11-12 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है।
बुधवार को कहां कैसा रहेगा मौसम
- अति भारी वर्षा (ऑरेंज अलर्ट): गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, सागर, टीकमगढ़
- भारी वर्षा (येलो अलर्ट): विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, आगर, मंदसौर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी
- झंझावात और वज्रपात, झोंकेदार हवाएं 40-50 किमी/घंटा: भोपाल, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, देवास, शाजापुर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर, पांढुर्णा
मध्य प्रदेश बारिश के आंकड़े
- 1 जून से 7 जुलाई 2026 के बीच मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 5% ( 191.3 मिमी) ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में अब तक 8 इंच (200.5 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 12% से कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 21% अधिक पानी गिरा है।
- प्रदेश स्तर पर जुलाई में पूर्वी मध्य प्रदेश की औसत बारिश 348 मिलीमीटर और पश्चिमी मध्य प्रदेश की 296 मिलीमीटर मानी जाती है।
- देवास में सामान्य से 123 प्रतिशत (16 इंच) से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इंदौर में लगभग 13 इंच और भोपाल में 12 इंच बारिश हुई।
- इस मानसून सीजन में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में अच्छी बारिश हुई है। खास करके देवास. भोपाल, इंदौर, बैतूल, बुरहानपुर, गुना, हरदा, खंडवा, सीहोर, बालाघाट और सिवनी जैसे जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।