MP WEATHER: आज भी 45 जिलों में बारिश का अलर्ट, चलेगी तेज रफ्तार से आंधी, जानें कब तक होगी प्रदेश में मानसून की एंट्री?
एक तरफ केरलम में मानसून ने दस्तक दे दी है वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। ट्रफ लाइन, चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार (5 June 2026) को 40 से 45 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की
एक तरफ केरलम में मानसून ने दस्तक दे दी है वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। ट्रफ लाइन, चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार (5 June 2026) को 40 से 45 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।
गुरुवार (4 June 2026) को प्रदेश के 29 जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में सबसे ज्यादा करीब पौने 2 इंच बारिश हुई। इंदौर, राजगढ़, सागर, रीवा और शहडोल संभागों में धूलभरी आंधी चली। राजधानी भोपाल में तेज बारिश के साथ करीब 60-70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चली, जिसके चलते 300 बिजली सप्लाई नेटवर्क पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। शहर के कई हिस्सों में बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई , 200 से अधिक स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गई, जिससे यातायात प्रभावित रहा। शाजापुर में भी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को अरब सागर के शेष भागों, लक्षद्वीप, केरल, माहे, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी के कई क्षेत्रों में आगे बढ़ गया है। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) वर्तमान में मंगलुरु, उधगमंडलम, कोडैकनाल और तूतीकोरिन जैसे स्थानों से होकर गुजर रही है। मानसून के गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं। वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, एक ट्रफ और चक्रवातीय परिसंचरण भी सक्रिय है, इसके असर से 7-8 जून तक मौसम का मिजाज यूही बने रहने का अनुमान है। अगले 3 दिनों तक तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है।
कब होगी मानसून की दस्तक?
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 3 दिन की देरी से गुरुवार को केरलम में दस्तक दे दी। फिलहाल परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मानसून अब मध्य अरब सागर, गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा। मानसून के 20 से 22 जून के बीच मध्य प्रदेश में पहुंचने का अनुमान है। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार 5-7 दिन की देर से आने की संभावना जताई जा रही है।
शुक्रवार को इन जिलों में अलर्ट
- नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
- आगर, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, शिवपुरी, दमोह, सागर में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ 60 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
- भोपाल, श्योपुरकलां, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सतना, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़,
- निवाड़ी, पांढुर्णा में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ 50 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं।