गेहूं उपार्जन में MP ने बनाया रिकॉर्ड, अब तक 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं की हो चुकी खरीदी , 28 मई है लास्ट डेट
मध्य प्रदेश ने MSP पर गेहूं उपार्जन के 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है, ये अब तक का पिछले करीब 10 वर्षो में सबसे ज्यादा गेहूं उपार्जन का रिकॉर्ड है, उपार्जन केंद्रों पर लगातार किसान पहुंच रहे हैं तेज चिलचिलाती गर्मी भी उनका उत्साह कम नहीं होने दे
मध्य प्रदेश ने MSP पर गेहूं उपार्जन के 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है, ये अब तक का पिछले करीब 10 वर्षो में सबसे ज्यादा गेहूं उपार्जन का रिकॉर्ड है, उपार्जन केंद्रों पर लगातार किसान पहुंच रहे हैं तेज चिलचिलाती गर्मी भी उनका उत्साह कम नहीं होने दे रही, 28 मई तक खरीदी का सिलसिला जारी रहेगा।
गेहूं उपार्जन में रिकॉर्ड बनाने के साथ ही मध्य प्रदेश इस समय देश में नंबर एक स्थान पर है, सरकार के प्रोत्साहन और किसानों की दी जाने वाली सुविधाओं के चलते इस बार मध्य प्रदेश में गेहूं की बम्पर पैदावार हुई है, सरकार ने भी उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया था जिसे केंद्र ने स्वीकार कर 78 लाख मीट्रिक टन से 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है और मध्य प्रदेश ने इसे पार कर लिया है।
लक्ष्य से अधिक गेहूं का हो चुका उपार्जन
खाद्य, नागरिकता आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत के मुताबिक मध्य प्रदेश में MSP पर अभी तक 13 लाख 27 हजार किसानों से 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है, यानि हम लक्ष्य को पार कर चुके हैं जबकि खरीदी की लास्ट डेट 28 मई है अर्थात इस साल गेहूं उपार्जन के पिछले सभी रिकॉर्ड टूटने की पूरी उम्मीद है। उन्होएँ बताया कि कोरोना काल को छोड़ दिया जाए तो पिछले 10 वर्षों में MSP पर अभी तक गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन हो चुका है।
सीएम डॉ मोहन यादव खुद कर रहे मॉनीटरिंग
बता दें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की मॉनीटरिंग कर रहे हैं, उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्र पर आने वाले किसान को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, वे खुद पिछले दिनों उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं, पिछले दिनों एक कार्यक्रम के दौरान जब उन्हें ये मालूम चला कि स्लॉट बुक होने के बाद किसी न किसी कारण से कई किसानों का गेहूं का उपार्जन नहीं हो पा रहा तो उन्होंने तत्काल लास्ट डेट 23 मई से बढ़ाकर 28 मई करे दी।
किसानों को 22,165.21 करोड़ से अधिक का भुगतान
खाद्य मंत्री राजपूत के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद किसानों को भुगतान की प्रक्रिया भी साथ में जारी है, उन्होंने बताया कि अभी तक उपार्जित गेहूं का 22,165.21 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। बता दें गेहूं की एमएसपी केंद्र सरकार ने इस साल 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है जिसपर मध्य प्रदेश सरकार 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है और किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं उपार्जन किया जा रहा है।