राजगढ़ पुलिस ने लोन ऐप के नाम पर ब्लैकमेलिंग करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के 04 आरोपी किए गिरफ्तार

आमजन को डिजिटल धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी एवं साइबर ब्लैकमेलिंग से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाकर साइबर अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में राजगढ़ जिले की थाना कोतवाली पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय साइबर ब्लैकमेलिंग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने

Jun 12, 2026 - 20:30
राजगढ़ पुलिस ने लोन ऐप के नाम पर ब्लैकमेलिंग करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के 04 आरोपी किए गिरफ्तार

आमजन को डिजिटल धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी एवं साइबर ब्लैकमेलिंग से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाकर साइबर अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में राजगढ़ जिले की थाना कोतवाली पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय साइबर ब्लैकमेलिंग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक राजगढ़ अमित तोलानी के निर्देशन में गठित टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई।

पीड़िता ने की थी शिकायत 

02 जून को एक पीड़ित द्वारा थाना कोतवाली राजगढ़ में शिकायत दर्ज कराई गई कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी लोन रिकवरी के नाम पर लगातार मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। आरोपियों ने उसकी फोटो का दुरुपयोग कर आपत्तिजनक एवं अश्लील सामग्री तैयार की तथा उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने एवं परिचितों को भेजने की धमकी दी। भय और मानसिक दबाव के कारण पीड़ित ने विभिन्न यूपीआई खातों में कुल 28 हजार रुपये की राशि स्थानांतरित कर दी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली राजगढ़ में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

तकनीकी जांच से हुआ साइबर नेटवर्क का खुलासा

प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों एवं डिजिटल ट्रांजेक्शन का गहन विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य स्वयं को फर्जी लोन रिकवरी एजेंट बताकर लोगों को फोन एवं व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करते थे। इसके बाद वे पीड़ितों की व्यक्तिगत जानकारी एवं फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील एवं आपत्तिजनक सामग्री तैयार करते थे तथा उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने अथवा परिचितों को भेजने की धमकी देकर अवैध धन उगाही करते थे।
विवेचना में यह भी पता चला कि अपराध से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानांतरित कर क्रिप्टो करेंसी USDT में परिवर्तित किया जाता था। आरोपी Binance जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म का उपयोग कर लेन-देन के स्रोत को छिपाने का प्रयास करते थे, जिससे जांच एजेंसियों के लिए धन के वास्तविक प्रवाह का पता लगाना कठिन हो सके। पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

अंतर्राज्यीय एवं संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच जारी

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनके कब्जे से प्राप्त मोबाइल फोन, बैंक खातों, सोशल मीडिया प्रोफाइल, डिजिटल वॉलेट एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के बैंक खातों के माध्यम से लगभग 30 लाख रुपये के अन्य संदिग्ध साइबर ट्रांजेक्शन के संकेत प्राप्त हुए हैं। पुलिस द्वारा संबंधित खातों, डिजिटल नेटवर्क एवं संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में इस गिरोह के अंतर्राज्यीय तथा संभावित अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

नागरिकों से अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लोन ऐप, फर्जी रिकवरी एजेंट अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त धमकी भरे संदेशों से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग या डिजिटल अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा पोर्टल www.cybercrime.gov.in⁠ पर शिकायत दर्ज कराएं तथा निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करें।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।