UNSC 2028-29 के लिए भारत ने ठोकी दावेदारी, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुरू किया कैंपेन

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता हासिल करने के लिए भारत ने एक बार फिर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। 2028-2029 की अवधि की इस सदस्यता के लिए आधिकारिक रूप से कैंपेनिंग भी शुरू कर दी गई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित किए गए एक कार्यक्रम के

Jul 14, 2026 - 11:30
UNSC 2028-29 के लिए भारत ने ठोकी दावेदारी, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुरू किया कैंपेन

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता हासिल करने के लिए भारत ने एक बार फिर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। 2028-2029 की अवधि की इस सदस्यता के लिए आधिकारिक रूप से कैंपेनिंग भी शुरू कर दी गई है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित किए गए एक कार्यक्रम के दौरान इस संबंध में जानकारी दी। यहां उन्होंने शांति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 2021 के लिए भारत के मानदंड, विश्वास और निष्ठा अभियान की शुरुआत की। इस दौरान विभिन्न देशों के स्थाई प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और राजनयिक मौके पर मौजूद थे।

UNSC अस्थाई सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस कार्यक्रम के दौरान देश के शांति स्थापना के रिकॉर्ड, विकास में की गई साझेदारी और वैश्विक व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह कहा कि यह दावेदारी ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया में हिंसा, टकराव और अस्थिरता काफी बढ़ गई है। इस वजह से संयुक्त राष्ट्र का सुरक्षा परिषद की भूमिका पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।

जयशंकर यह कहते दिखाई दिए कि आज दोपहर आप सबके साथ मिलकर 2028-29 के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थाई सदस्य के लिए भारत की उम्मीदवारी पेश करना बहुत खुशी की बात है। दुनिया एक विरोधाभास का सामना कर रही है और ऐसे समय में हम यह कदम उठा रहे हैं। हम टकराव, हिंसा और अस्थिरता का ऐसा स्तर देख रहे हैं जो उन लोगों के लिए खतरा पैदा कर रहा है, जो शायद बहुत दूर हैं।

 

भारत का शांति विजन पेश

इस दौरान जयशंकर ने देश का शांति विजन भी पेश किया। जिसे ईमानदारी, भरोसे और नियमों के जरिए यूएनएससी कैंपिंग के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत के तौर पर पेश किया गया। मंत्री ने बताया कि वैश्विक प्रगति, शांति और समृद्धि अकेले हासिल नहीं की जा सकती। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के सम्मान के साथ देश के बीच भरोसे की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई घटना यह साफ कर चुकी है कि शांति, समृद्धि और प्रगति को बिखरे में तरीके से बनाए रखना मुश्किल है।

 

किस देश से होगा मुकाबला

UNSC की 2028 में किसकी अवधि के लिए चुनाव अगले साल जून में आयोजित किए जाएंगे। एशिया प्रशांत समूह की इस एकमात्र सीट के लिए भारत और ताजिकिस्तान के बीच मुकाबला होने वाला है। बता दें कि साल 2021-22 की अवधि के दौरान भारत सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य रह चुका है। इसके पहले 2011-12, 1991-92, 1984-85, 1977-78, 1972-73, 1967-98, 1950-51 में भी भारत के पास सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता रही है।