कर्नल सोफिया कुरैशी केस में विजय शाह के खिलाफ रिटायर्ड IFS आजाद सिंह डबास ने खोला मोर्चा, राज्यपाल से बर्खास्तगी और अभियोजन की मांग

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं। रिटायर्ड IFS अधिकारी और सिस्टम परिवर्तन अभियान के अध्यक्ष आजाद सिंह डबास ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल को पत्र लिखकर विजय शाह को मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त करने और उनके खिलाफ केस चलाने की अनुमति

Aug 27, 2026 - 13:30
कर्नल सोफिया कुरैशी केस में विजय शाह के खिलाफ रिटायर्ड IFS आजाद सिंह डबास ने खोला मोर्चा, राज्यपाल से बर्खास्तगी और अभियोजन की मांग

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं। रिटायर्ड IFS अधिकारी और सिस्टम परिवर्तन अभियान के अध्यक्ष आजाद सिंह डबास ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल को पत्र लिखकर विजय शाह को मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त करने और उनके खिलाफ केस चलाने की अनुमति देने की मांग की है। पत्र में डबास ने विजय शाह के वन और जनजातीय कार्य मंत्री के अलग-अलग कार्यकाल को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

आजाद सिंह डबास ने 26 अगस्त को लिखे पत्र में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विजय शाह द्वारा मई 2025 में दिए गए विवादित बयान का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था और इसके बाद मानपुर थाने में शाह के खिलाफ BNS की धारा 152, 196(1-B) और 197(1-C) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

कैबिनेट के फैसले के बाद राज्यपाल से की अपील

आजाद सिंह डबास के पत्र का सबसे अहम हिस्सा विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की अनुमति से जुड़ा है। उन्होंने पत्र में दावा किया है कि कैबिनेट बैठक में कर्नल सोफिया कुरैशी प्रकरण में शाह के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं देने का फैसला लिया गया है। इसी को लेकर उन्होंने आपत्ति जताते हुए अब राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है। इसी के साथ ये भी लिखा है कि पुलिस महानिदेशक को उनकी गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए जाएं।

डबास ने राज्यपाल से कहा है कि कैबिनेट के मिनट्स मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद उनके पास भेजे जाएंगे और ऐसे में अब अभियोजन की अनुमति को लेकर निर्णय राज्यपाल स्तर पर होना है। उन्होंने विजय शाह को कैबिनेट से हटाने की मांग करते हुए पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इस मामले में 31 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

पत्र में विजय शाह के पुराने मामलों को भी उठाया

मामला सिर्फ कर्नल सोफिया कुरैशी प्रकरण तक सीमित नहीं रखा गया है। 28 पन्नों के इस पत्र और उसके साथ संलग्न पुराने पत्रों के जरिए डबास ने विजय शाह के वन मंत्री रहते हुए कथित अनियमितताओं के आरोप भी दोहराए हैं। डबास ने आरोप लगाया है कि शाह के वन मंत्री के कार्यकाल में अधिकारियों के तबादलों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कथित अवैध वसूली तक के आरोप लगाए हैं। हालांकि पत्र में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है और इन्हें डबास के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

सतपुड़ा-पन्ना टाइगर रिजर्व के मामले भी उठाए

पत्र में दिसंबर 2023 के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से जुड़े एक पुराने मामले को भी उठाया गया है। डबास ने आरोप लगाया है कि विजय शाह ने विधायक रहते हुए अपने साथियों के साथ टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन किया था। उनका दावा है कि इस मामले की विभागीय जांच भी हुई थी, लेकिन शाह के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।

इसी तरह दिसंबर 2025 में पन्ना टाइगर रिजर्व के भ्रमण को लेकर भी डबास ने विजय शाह सहित अन्य मंत्रियों की मौजूदगी और कथित नियम उल्लंघन का मुद्दा उठाया है। उन्होंने इस मामले में संबंधित मंत्रियों और वन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने का जिक्र अपने पत्र में किया है।

जनजातीय कार्य विभाग को लेकर भी गंभीर आरोप

डबास ने विजय शाह के जनजातीय कार्य मंत्री के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने विभाग में खरीदी और अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और एक पुराने लोकायुक्त प्रकरण में अभियोजन स्वीकृति का मुद्दा भी उठाया है। ये आरोप भी पत्र में डबास द्वारा किए गए दावे हैं और इन पर विजय शाह अथवा संबंधित विभाग का पक्ष पत्र में उपलब्ध नहीं है।

मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भी भेजी प्रतिलिपि

राज्यपाल को भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को भी भेजी गई है। इसके अलावा प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह से विजय शाह के वन मंत्री रहते हुए लगाए गए आरोपों की जांच कराने की मांग की गई है।

फिलहाल पत्र में लगाए गए भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं के आरोपों पर मंत्री विजय शाह का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में इन आरोपों की सत्यता किसी जांच या संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।