तबाही का सैलाब: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर 160 मौतें और 800 से ज्यादा लोग लापता

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। नेपाल और चीन में कम से कम 160 लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं। इनमें 133 भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री भी शामिल बताए जा रहे हैं।

Aug 27, 2026 - 08:30
तबाही का सैलाब: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर 160 मौतें और 800 से ज्यादा लोग लापता

New Delhi Desk: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते बस्तियां, सड़कें और पनबिजली परियोजनाएं पानी और मलबे में समा गई। भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने पूरे इलाके को तहस-नहस कर दिया। पानी का स्तर करीब 30 फीट तक बढ़ने की खबर है। इस भयावह आपदा में नेपाल और चीन के इलाकों में अब तक कम से कम 160 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं।

देखते ही देखते पानी में समा गए रास्ते और घर

नेपाल के रासुवा जिले में बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। तेज बहाव के साथ आए मलबे ने घरों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया। कई जगहों पर सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे राहत और बचाव टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। पनबिजली परियोजनाएं भी बाढ़ की चपेट में आई हैं। इस हादसे के बाद अभी तक 844 लोग लापता हैं।

157 शव नेपाल में बरामद

नेपाल पुलिस के मुताबिक अब तक 157 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस तरह दोनों तरफ मृतकों की संख्या कम से कम 160 पहुंच गई है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

133 भारतीय भी लापता

इस हादसे ने भारत की चिंता भी बढ़ा दी है। लापता लोगों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कम से कम 133 भारतीयों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले तीर्थयात्री भी शामिल बताए जा रहे हैं। बाढ़ ने उस रास्ते को भी प्रभावित किया है, जिसका इस्तेमाल तीर्थयात्री सीमा पार जाने के लिए करते हैं।

150 किलोमीटर दूर तक मिले शव

बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ शव घटनास्थल से करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक मिले हैं। तेज बहाव में लोग और मलबा काफी दूर तक बह गए। ऐसे में बचाव एजेंसियां नदी के निचले हिस्सों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं। लगातार खराब मौसम और टूटे हुए सड़क संपर्क के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

तिब्बत में भी भारी नुकसान

चीन के तिब्बत क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में भी बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। चीनी अधिकारियों के अनुसार यहां तीन लोगों की मौत हुई है और 265 लोग लापता बताए गए हैं। सीमा क्षेत्र में संचार और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, बढ़ सकती है मौतों की संख्या

नेपाल सेना, पुलिस और अन्य बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। कई क्षेत्रों में मलबा इतना ज्यादा है कि राहत टीमों की रफ्तार धीमी पड़ रही है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे बचाव दल दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचेंगे, लापता लोगों और मृतकों की संख्या को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।

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