Oil Tanker: रूस की चाल पर फिरा पानी, फ्रांसीसी नौसेना ने समुद्र में रोका प्रतिबंधित जहाज; जांच शुरू

यूक्रेन युद्ध के बीच फ्रांस और ब्रिटेन ने रूस से जुड़े प्रतिबंधित तेल टैंकर ‘टगोर’ को अटलांटिक महासागर में रोक लिया। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि प्रतिबंधों और समुद्री कानूनों का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Jun 1, 2026 - 16:30
Oil Tanker: रूस की चाल पर फिरा पानी, फ्रांसीसी नौसेना ने समुद्र में रोका प्रतिबंधित जहाज; जांच शुरू

Moscow: यूक्रेन युद्ध के चलते रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की पश्चिमी देशों की रणनीति लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में फ्रांस ने ब्रिटेन के सहयोग से रूस से जुड़े एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को अटलांटिक महासागर में रोककर बड़ी कार्रवाई की है। यह कदम रूस की तेल आय को सीमित करने और यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाले वित्तीय संसाधनों पर अंकुश लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

‘टगोर’ तेल टैंकर को समुद्र में रोका गया

फ्रांसीसी नौसेना ने ‘टगोर’ नामक तेल टैंकर को अटलांटिक महासागर में रोककर उसकी जांच की। बताया गया कि जहाज रूस से तेल लेकर आ रहा था और उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के उल्लंघन का संदेह था। नौसेना के विशेष कमांडो दस्ते ने जहाज पर चढ़कर निरीक्षण किया और उसके दस्तावेजों की जांच की।

मैक्रों ने साझा किया कार्रवाई का वीडियो

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस अभियान की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें हेलीकॉप्टर से एक कमांडो को जहाज पर उतरते हुए देखा जा सकता है। मैक्रों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करना और समुद्री कानूनों का उल्लंघन करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

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रूस की तेल आय पर निशाना

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की अर्थव्यवस्था में तेल और गैस निर्यात की अहम भूमिका है। पश्चिमी देशों का आरोप है कि इसी आय के सहारे रूस यूक्रेन में जारी सैन्य अभियान पर भारी खर्च कर रहा है। ऐसे में तेल निर्यात को सीमित करना रूस की आर्थिक क्षमता को प्रभावित करने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

‘शैडो फ्लीट’ पर पश्चिमी देशों की नजर

पश्चिमी देशों ने रूस पर आरोप लगाया है कि वह प्रतिबंधों से बचने के लिए तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का इस्तेमाल कर रहा है। इस बेड़े में शामिल जहाज अक्सर अपनी पहचान छिपाकर या अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी कर तेल का परिवहन करते हैं। यूरोपीय देशों का कहना है कि ऐसे जहाज समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण के लिए भी खतरा पैदा करते हैं।

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पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कार्रवाई

फ्रांसीसी नौसेना इससे पहले भी रूस से जुड़े संदिग्ध जहाजों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। मार्च में भूमध्य सागर में एक टैंकर की जांच की गई थी, जबकि जनवरी में पकड़े गए एक अन्य जहाज को भारी जुर्माना भरने के बाद रिहा किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में रूस के तेल कारोबार पर निगरानी और सख्त हो सकती है।

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