आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे इंदौर जिला अस्पताल के नए 300 बिस्तरीय भवन का उद्घाटन, जानिए क्या होगी इसकी खासियत?
इंदौर के मेडिकल सेक्टर को और मजबूत करने की दिशा में मंगलवार का दिन अहम माना जा रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिला चिकित्सालय के नए 300 बिस्तरीय भवन का लोकार्पण करेंगे। वहीं लंबे समय से तैयार इस भवन के शुरू होने के बाद मरीजों को बेहतर इलाज, ज्यादा बेड और आधुनिक सुविधाओं
इंदौर के मेडिकल सेक्टर को और मजबूत करने की दिशा में मंगलवार का दिन अहम माना जा रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिला चिकित्सालय के नए 300 बिस्तरीय भवन का लोकार्पण करेंगे। वहीं लंबे समय से तैयार इस भवन के शुरू होने के बाद मरीजों को बेहतर इलाज, ज्यादा बेड और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे सरकारी अस्पतालों पर बढ़ते मरीजों के दबाव को काफी हद तक संभालने में मदद मिलेगी।
दरअसल करीब 83 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए इस चार मंजिला भवन को आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। बता दें कि भवन में अलग-अलग विभागों के लिए पर्याप्त जगह, बेहतर वार्ड, मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए जरूरी इंतजाम तथा आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे इंदौर के साथ धार, देवास, खरगोन, बड़वानी और आसपास के कई जिलों से आने वाले मरीजों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
कैसे बढ़ेगी इलाज की क्षमता?
दरअसल सरकारी अस्पतालों में अक्सर बेड की कमी और मरीजों की बढ़ती संख्या बड़ी चुनौती रहती है। वहीं नए 300 बिस्तरीय भवन के शुरू होने से जिला अस्पताल की क्षमता पहले की तुलना में काफी बढ़ जाएगी। इससे गंभीर मरीजों को भर्ती करने में आसानी होगी और अलग-अलग विभागों में इलाज की व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। वहीं अस्पताल प्रशासन के अनुसार नए भवन में मरीजों के लिए बेहतर वार्ड, इलाज के लिए पर्याप्त जगह, आधुनिक उपकरणों के उपयोग के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को भी बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा।
उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर क्या हैं तैयारियां?
वहीं नए भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। दरअसल कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इमरजेंसी सेवाओं में तैनात कर्मचारियों को छोड़कर अपने-अपने क्षेत्रों के स्वास्थ्य कर्मचारी, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।