EOW की बड़ी कार्रवाई, सिवनी में 6 लाख रुपये का गबन करने वाले पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज, जानें पूरा मामला
मध्य प्रदेश में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा भ्रष्ट पटवारियों के खिलाफ लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे में एक ताजा कार्रवाई राज्य के सिवानी जिले में भी हुई है। जहां तत्कालीन पटवारी अरुण कुमार सनोडिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किसानों और भू-स्वामियों को अपने जाल में फंसाकर ठगी का शिकार
मध्य प्रदेश में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा भ्रष्ट पटवारियों के खिलाफ लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे में एक ताजा कार्रवाई राज्य के सिवानी जिले में भी हुई है। जहां तत्कालीन पटवारी अरुण कुमार सनोडिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किसानों और भू-स्वामियों को अपने जाल में फंसाकर ठगी का शिकार बनाया। जिसका पर्दाफाश EOW जबलपुर ने कर दिया है।
अब सवाल उठता है कि यह पटवारी आखिर कैसे किसानों को ठगता था। बता दें कि यह शातिर पटवारी सरकारी खजाने में राजस्व राशि जमा करने के नाम पर फर्जी चालान तैयार करता था। इस तरह से उसने शासन प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर करीब 6 लाख रुपये का गबन कर डाला। इसके बाद EOW ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की नई और बेहद सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
कैसे हुआ इस पूरे मामले का भंडाफोड़?
बता दें कि इस पूरे का भंड़ाफोड़ जब हुआ तक सिवनी की एकता कॉलोनी निवासी राजकुमार साहू EOW में एक शिकायत दर्ज कराई और पूरे प्रकरण से अवगत कराया। पीड़ित का कहना है कि उसको साल 2007 से 2025 तक अपने मकान टैक्स जिसकी राशि 5400 रुपये थी उसे चुकाना था। तभी पटवारी अरुण सनोडिया ने 31 अगस्त 2024 को यह राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली और पीड़ित को 30 अगस्त 2024 की तारीख का चालान थमा दिया।
तभी पीड़ित को तारीखों की वजह के आगे पीछे होने से कुछ गड़बड़ दिखा और पीड़ित ने पटवार द्वारा दिए गए चालान को सरकारी ऑनलाइन पॉर्टल पर चेक किया तो उसके होश उड़ गए। पोर्टल पर पीड़ित का चालान भरने से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। तब पीड़ित को पूरा माजरा समझ में आया कि चालान पूरी तरह से फर्जी है और उसके मकान टैक्स के पैसे पटवारी की जेब में जा चुके हैं। इसके बाद पीड़ित ने EOW को पूरे मामले से अवगत कराया और एक शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी पटवारी ने कई लोगों से ऐंठे पैसे
बता दें कि आरोपी पटवारी ने अपने शातिर दिमाग से कई लोगों को फर्जी चालान देकर पैसे ऐंठे हैं। ठीक इसकी प्रकार अन्य आरोपी रामकुमार कुशवाहा को भी फर्जी चालान थमकार उससे 89,550 ऐंठ लिए। लेकिन कहते हैं कि अति का अंत एक दिन हो ही जाता है। लगातार मिल रह इस प्रकार की शिकायतों के बाद तत्कालीन एसडीएम सिवनी ने जिला कोषालय अधिकारी से जब इन चालानों का सत्यापन कराया तो चालान सरकारी पोर्टल से गायब (फर्जी) पाए गए। इसके बाद एसडीएम ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
आरोपी पटवारी पर जांच और कार्रवाई
बता दें कि जब आरोपी पटवारी पर विभागीय जांच हुई तब उसके काले करनामों पर पूरा काला चिट्ठा सामने आ गया। जिसके बाद यह पक्का हो गया कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 6 लाख रुपये का गबन किया है। इसके बाद EOW जबलपुर ने मामला दर्ज कर लिया है।