पश्चिम बंगाल: TMC को लगा एक और बड़ा झटका, फिरहाद हकीम ने कोलकाता महापौर पद से दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी का जताया आभार
कोलकाता नगर निगम के गलियारों में लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। मेयर फिरहाद हकीम ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को उन्होंने यह घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति आभार व्यक्त किया। हकीम ने स्पष्ट किया कि मेयर की कुर्सी केवल एक
कोलकाता नगर निगम के गलियारों में लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। मेयर फिरहाद हकीम ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को उन्होंने यह घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति आभार व्यक्त किया। हकीम ने स्पष्ट किया कि मेयर की कुर्सी केवल एक पद नहीं, बल्कि जनता के प्रति एक बड़ी जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि जब वे इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और क्षमता के साथ निभाने में खुद को सक्षम नहीं पा रहे हैं, तो पद पर बने रहना उचित नहीं है।
दिसंबर 2018 में पूर्व मेयर शोभन चटर्जी के अचानक इस्तीफे के बाद फिरहाद हकीम को नगर निगम के पार्षदों ने सर्वसम्मति से मेयर चुना था। तब से लेकर अब तक, हकीम ने अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है। वे तृणमूल कांग्रेस के एक भरोसेमंद और प्रभावशाली नेता के तौर पर जाने जाते हैं।
इस्तीफे की मुख्य वजह बताते हुए हकीम ने दोहराया कि वे अब इस बड़ी जिम्मेदारी को निरंतर उठाने में खुद को सक्षम महसूस नहीं कर रहे हैं। उनके अनुसार, मेयर का पद मात्र बैठने के लिए नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जनता के प्रति एक गहरी जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने अपनी नेता ममता बनर्जी को उन्हें यह महत्वपूर्ण अवसर देने के लिए विशेष धन्यवाद दिया।
लंबे समय से मेयर पद छोड़ना चाहते थे फिरहाद हकीम
बता दें कि फिरहाद हकीम ने यह इच्छा पहले भी जताई थी। उन्होंने पूर्व में भी ममता बनर्जी से मेयर पद छोड़ने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उस समय पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पद पर बने रहने का निर्देश दिया था। हालांकि, बुधवार को उन्होंने एक बार फिर अपनी इस्तीफे की इच्छा स्पष्ट रूप से व्यक्त की, जिसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अंततः उनकी मांग को मंजूरी दे दी।
हकीम के इस फैसले के पीछे कई राजनीतिक और प्रशासनिक कारण भी बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य में प्रशासनिक कामकाज में आ रही दिक्कतों के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। फिरहाद हकीम लंबे समय से टीएमसी का एक बड़ा चेहरा रहे हैं और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच पार्टी की मजबूत पकड़ के रूप में देखे जाते हैं। उन्होंने 2018 से कोलकाता के मेयर पद पर रहते हुए राज्य सरकार में कई अहम मंत्रालय भी संभाले हैं।
भाजपा सरकार में बढ़ीं कामकाज की चुनौतियां: कुणाल घोष का दावा
सत्ता परिवर्तन को भी इस्तीफे की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी इस बात की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, फिरहाद हकीम ने भाजपा सरकार बनने के बाद कामकाज में उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों का हवाला देते हुए पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से प्रशासनिक और राजनीतिक माहौल में तेजी से बदलाव आया है। कई टीएमसी नेताओं का यह भी कहना है कि सरकार बदलने के बाद विपक्षी नेताओं के लिए सुचारू रूप से काम करना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी इन सभी आरोपों को लगातार खारिज करती रही है।
Kolkata: Resigning from the post of Mayor of Kolkata Municipal Corporation, TMC leader Firhad Hakim says, “I am thankful to our leader Mamata Banerjee. In December 2018, I was elected (as the Mayor) by the councillors of the Kolkata Municipal Corporation after the abrupt… pic.twitter.com/5cT5oYeHK2
— ANI (@ANI) June 5, 2026