पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी के बाद अब TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला, सिर में आईं गंभीर चोटें, चोर-चोर के लगे नारे

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक सरगर्मी के बीच हुगली जिले के चंडीतला पुलिस स्टेशन के समक्ष एक गंभीर घटनाक्रम सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी को एक हिंसक झड़प के दौरान सिर में गंभीर चोटें आईं। यह घटनाक्रम उस समय घटित हुआ, जब तृणमूल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता अपनी पार्टी के

May 31, 2026 - 16:30
पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी के बाद अब TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला, सिर में आईं गंभीर चोटें, चोर-चोर के लगे नारे

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक सरगर्मी के बीच हुगली जिले के चंडीतला पुलिस स्टेशन के समक्ष एक गंभीर घटनाक्रम सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी को एक हिंसक झड़प के दौरान सिर में गंभीर चोटें आईं। यह घटनाक्रम उस समय घटित हुआ, जब तृणमूल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता अपनी पार्टी के कुछ सदस्यों की कथित गिरफ्तारी के विरोध में पुलिस स्टेशन में एक ज्ञापन सौंपने के लिए एकत्रित हुए थे, जिसके चलते पुलिस स्टेशन के ठीक सामने का वातावरण अत्यधिक तनावपूर्ण हो गया था और तनाव लगातार बढ़ता चला गया।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, ज्ञापन सौंपने के निर्धारित कार्यक्रम से पूर्व ही पुलिस स्टेशन के सामने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और नारेबाजी शुरू हो गई, जिसने शीघ्र ही एक अप्रिय और हिंसक टकराव का रूप ले लिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध “चोर-चोर” जैसे उत्तेजक नारे लगाने प्रारंभ कर दिए, जिससे पहले से ही तनावग्रस्त स्थिति और अधिक बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच शारीरिक हाथापाई की नौबत आ गई।

इसी हिंसक झड़प और हाथापाई के दौरान, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को निशाना बनाया गया और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अपने घायल सिर पर एक गीला रुमाल रखे हुए देखा गया, जो उनकी चोट की गंभीरता को स्पष्ट रूप से इंगित कर रहा था। यह घटनाक्रम अत्यंत चिंताजनक था, क्योंकि एक जन प्रतिनिधि पर सरेआम हमला किया गया था, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया।

हिंसक झड़प के बीच सांसद कल्याण बनर्जी हुए घायल

मौके पर स्थिति को नियंत्रण में लाने और बढ़ती हिंसा को रोकने के उद्देश्य से, स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी को तत्काल घटनास्थल पर तैनात किया गया। सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों को मौके से खदेड़ना शुरू किया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग किया, जिसके परिणामस्वरूप धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में आने लगी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, हमले में घायल हुए तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी को सड़क पर ही बैठे हुए देखा गया, जो स्पष्ट रूप से हमले के कारण शारीरिक और मानसिक रूप से आहत प्रतीत हो रहे थे।

कल्याण बनर्जी ने हमले को बताया सुनियोजित साजिश

सांसद कल्याण बनर्जी ने अपने ऊपर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे पुलिस स्टेशन में एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में ज्ञापन सौंपने के लिए जा रहे थे, तब उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया और उन पर हमला किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की हिंसक घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं और यह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को हिंसक रूप देने का एक प्रयास है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को दंडित किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हिंसा के इतिहास में एक और अध्याय जोड़ दिया है।