ईद-अल-गदीर का तोहफा: ईरान में 2 हजार से ज्यादा कैदियों की कम होगी सजा, जानें किन्हें नहीं मिलेगी माफी

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मुज्तबा खामेनेई ने ईद-अल-गदीर से पहले एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने देश की जेलों में बंद 2,000 से अधिक कैदियों की सजा माफ करने या उसे कम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

Jun 6, 2026 - 10:30
ईद-अल-गदीर का तोहफा: ईरान में 2 हजार से ज्यादा कैदियों की कम होगी सजा, जानें किन्हें नहीं मिलेगी माफी

Tehran: पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के साथ जारी भीषण संघर्ष और बढ़ते रणनीतिक तनाव के बीच ईरान से एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के सुप्रीम लीडर (सर्वोच्च नेता) अयातुल्लाह मुज्तबा खामेनेई ने शुक्रवार को एक बहुत बड़े मानवीय और नीतिगत फैसले की घोषणा की है।

ईरान के सरकारी न्यूज चैनल ‘प्रेस टीवी’ की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम लीडर ने देश की विभिन्न जेलों में बंद 2,000 से अधिक कैदियों की सजा को पूरी तरह माफ कर दिया है या उनकी सजा की अवधि को कम करने का आदेश जारी किया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद देश की जेलों में बंद हजारों कैदियों के परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

न्यायपालिका प्रमुख की दया याचिका पर लगी मुहर

आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने यह कदम देश के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजी की ओर से भेजी गई एक विशेष सिफारिश के बाद उठाया है। न्यायपालिका प्रमुख ने सुप्रीम लीडर के सामने एक दया याचिका पेश की थी, जिसमें दो हजार से ज्यादा पात्र कैदियों की सजा माफ करने, उसे कम करने या सजा के स्वरूप को बदलने का अनुरोध किया गया था।

सुप्रीम लीडर खामेनेई ने इस अनुरोध को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद ईरान की जेलों से बहुत जल्द बड़ी संख्या में कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ होने की पूरी संभावना है।

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ईद-अल-गदीर के पावन अवसर पर मिला तोहफा

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की आधिकारिक वेबसाइट पर इस संबंध में एक विस्तृत बयान भी जारी किया गया है। इस बयान के अनुसार, जेलों में बंद इन 2,000 से अधिक कैदियों को यह विशेष राहत शिया मुसलमानों के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहारों में से एक ‘ईद-अल-गदीर’ के आगमन से पहले दी गई है। ईरान में इस पावन त्योहार के मौके पर कैदियों को माफी देने की पुरानी परंपरा रही है, जिसके तहत इस बार भी न्यायपालिका की समीक्षा के बाद यह सूची तैयार की गई थी।

इन कैदियों को नहीं मिलेगी माफी, कड़े नियम लागू

हालांकि, ईरान सरकार ने इस माफी योजना के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गंभीर और देश विरोधी अपराधों में संलिप्त दोषियों को इस राहत के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराए गए कैदी, विदेशी ताकतों के लिए जासूसी (Espionage) के मामलों में सजा काट रहे लोग, ईरान की आंतरिक या बाहरी सुरक्षा के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसक कार्रवाई करने वाले और सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालने वाले अपराधियों को इस दया याचिका का कोई लाभ नहीं मिलेगा।

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दिसंबर 2025 के प्रदर्शनकारियों को मिल सकती है बड़ी राहत

गौरतलब है कि ईरान पिछले कुछ समय से गंभीर आर्थिक संकट और अमेरिका द्वारा लगाए गए दशकों पुराने कड़े प्रतिबंधों के कारण बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। इन आर्थिक मुश्किलों के चलते दिसंबर 2025 में ईरान में व्यापक स्तर पर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे।

उस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने हजारों की संख्या में नागरिकों और प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था। जानकारों का मानना है कि सुप्रीम लीडर के इस नए फैसले के बाद, उन प्रदर्शनों के दौरान पकड़े गए कई सामान्य नागरिकों को भी राहत मिलने और जेल से बाहर आने की उम्मीद बढ़ गई है।

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