जीतू पटवारी ने की पेट्रोल-डीज़ल कीमतों में कटौती की मांग, बोले “सरकारी तेल कंपनियां मुनाफे में, क्रूड ऑयल सस्ता फिर भी दाम बढ़ाए”

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि सरकारी तेल कंपनियों को भारी-भरकम मुनाफा हो रहा है, क्रूड ऑयल की कीमतें कम हुई है और फिर भी सरकार पेट्रोल डीज़ल के दाम बढ़ा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि मुद्दा सिर्फ पेट्रोल-डीजल का नहीं

May 26, 2026 - 11:30
जीतू पटवारी ने की पेट्रोल-डीज़ल कीमतों में कटौती की मांग, बोले “सरकारी तेल कंपनियां मुनाफे में, क्रूड ऑयल सस्ता फिर भी दाम बढ़ाए”

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि सरकारी तेल कंपनियों को भारी-भरकम मुनाफा हो रहा है, क्रूड ऑयल की कीमतें कम हुई है और फिर भी सरकार पेट्रोल डीज़ल के दाम बढ़ा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि मुद्दा सिर्फ पेट्रोल-डीजल का नहीं है, बल्कि आम जनता की जेब पर डाले जा रहे सुनियोजित बोझ का है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार से मांग की है कि पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में तत्काल राहत दी जाए, केंद्र और राज्य सरकारें ईंधन पर टैक्स कम करे तथा मूल्य निर्धारण प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए। उन्होंने सवाल किया कि जब कच्चा तेल सस्ता होता है, तब कीमतें घटाने में सरकार और कंपनियों की संवेदनशीलता क्यों गायब क्यों हो जाती है।

जीतू पटवारी ने पेट्रोल डीज़ल के बढ़ते दामों पर सरकार को घेरा

जीतू पटवारी ने कहा कि देश के 90 प्रतिशत पेट्रोल पंपों का संचालन करने वाली तीन प्रमुख सरकारी कंपनियों IOC, BPCL और HPCL ने वित्त वर्ष 2025-26 में जबरदस्त मुनाफा कमाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही में इन कंपनियों का लाभ 28 प्रतिशत से लेकर 78 प्रतिशत तक बढ़ गया, जबकि पूरे साल का मुनाफा 94 प्रतिशत से 212 प्रतिशत तक बढ़ा है। IOC ने 14,458 करोड़ रुपये, BPCL ने 5,624 करोड़ रुपये और HPCL ने 6,065 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया।

कीमतें कम करने की मांग  

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 19 महीनों में कच्चे तेल के दाम लगभग 29 प्रतिशत तक गिर गए, लेकिन आम उपभोक्ताओं को इसका उचित लाभ नहीं दिया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब कच्चा तेल महंगा होता है तो कंपनियां और सरकार तुरंत पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा देती हैं, लेकिन जब दाम गिरते हैं तो राहत देने में पूरी तरह संवेदनशीलता गायब हो जाती है। पटवारी ने इसे जनता के साथ अन्याय बताया है। जीतू पटवारी ने कहा कि एक तरफ सरकारी कंपनियां हजारों करोड़ रुपये का मुनाफा कमा रही हैं और दूसरी तरफ आम नागरिक महंगे पेट्रोल-डीजल के बोझ तले दबे हुए हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत देने, ईंधन पर लगाए गए टैक्स कम करने और मूल्य निर्धारण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की है।

 

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।