“TMC विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए धमका रही..” ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, भाजपा पर साधा निशाना
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी उथल-पुथल के बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को सोशल मीडिया पर लाइव आकर ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस टीएमसी विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए धमका रही है। उन्होंने
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी उथल-पुथल के बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को सोशल मीडिया पर लाइव आकर ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस टीएमसी विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए धमका रही है। उन्होंने भाजपा पर तृणमूल को तोड़ने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा, “आप जितनी ताकत लगा लो, तृणमूल को तोड़ा नहीं जा सकता।”
चुनाव परिणाम आने के बाद तृणमूल के अंदर बढ़ती कलह साफ दिख रही है। विधायकों की बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक से 60 विधायक गैरहाजिर रहे थे, जिसने पार्टी में भीतरघात की अटकलों को तेज कर दिया। इसी बीच, ममता बनर्जी ने अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय सोशल मीडिया को अपनी बात कहने का माध्यम बनाया। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को पुलिस डरा रही है। उनसे यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी तोड़ो और फलां आदमी से कॉन्टैक्ट करो। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह प्रजातंत्र का उदाहरण है? उन्होंने खुलासा किया कि चार विधायकों ने उन्हें बताया कि उन्हें डराया जा रहा है, और ईडी व सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी की धमकी दी जा रही है।
TMC ने दो विधायकों को पार्टी से किया निष्कासित
पार्टी में टूट की आशंका के बीच तृणमूल ने दो विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित कर दिया। ममता बनर्जी ने इन आरोपों को दोहराते हुए कहा कि क्या आप तृणमूल कांग्रेस को तोड़ना चाहते हैं? उन्होंने चेतावनी दी कि कितनी भी कोशिश कर लें, तृणमूल कांग्रेस और मजबूत होगी। उन्होंने कहा, याद रखिए, कुछ विधायक और सांसद को पैसे देकर या धमकाकर तृणमूल को कमज़ोर नहीं किया जा सकता। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि आप जो चाहें जोर-जबरदस्ती कर लें, तृणमूल को तोड़ा नहीं जा सकता और बंगाल के लोगों को झुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने स्टूडेंट्स कम्युनिटी से भी अपील की कि वे अन्याय के खिलाफ विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं, जबकि वे समाज की रीढ़ हैं।
ममता बनर्जी ने भाजपा पर लगाया चुनाव में धांधली का आरोप
ममता बनर्जी ने अपनी शिकायतें जारी रखते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को जुलूस नहीं निकालने दिया जा रहा है, न ही उन्हें मीटिंग करने दी जा रही है और न ही उन्हें अपने घरों से बाहर निकलने दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल के 2,500 पार्टी ऑफिस तोड़ दिए गए हैं और कार्यकर्ता मारे जा रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि भाजपा ने बंगाल को टारगेट किया है और उसे हराया है। उन्होंने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा, “मुझे जानकारी है कि आपने 177 सीटों पर कैसे धांधली की।” उन्होंने राजारहाट सीट का उदाहरण दिया, जहां उनके कैंडिडेट तापस जीते थे, लेकिन अगले दिन रीकाउंटिंग के नाम पर उन्हें हारने पर मजबूर किया गया। उन्होंने इस जीत को मानने से इनकार कर दिया।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने बताया कि सोनारपुर में अभिषेक पर हमला करने वाले लोग बाहर से लाए गए थे, वहां ज्यादा स्थानीय लोग नहीं थे। उन्होंने कहा कि जो लोग अभिषेक को बचाने गए थे, उन्हें अरेस्ट कर लिया गया। वीडियो रिकॉर्डिंग होने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यदि अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता, तो जिस तरह से पत्थर फेंके गए, वे मौके पर ही मारे जाते। ममता बनर्जी ने डेरेक ओ’ब्रायन के हवाले से यह भी बताया कि अभिषेक के आंतरिक चोटों की जांच के लिए डॉक्टरों की सलाह पर तीन स्कैन करने को कहा गया था, लेकिन कोई ओपीडी सर्विस नहीं दी गई। उन्होंने इस घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इसका मतलब है कि लोगों को मेडिकल इलाज से मना कर दिया जाएगा? क्या कोई हॉस्पिटल विपक्ष के सदस्य को भर्ती करने से मना कर देगा? यह कैसी राजशाही है?