MP में गर्मी का रेड अलर्ट! लू से बचने के लिए सरकार ने जारी की हेल्थ एडवाइजरी

मध्य प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। कई जिलों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। सुबह से ही तेज धूप और दोपहर में चल रही गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे

May 27, 2026 - 08:30
MP में गर्मी का रेड अलर्ट! लू से बचने के लिए सरकार ने जारी की हेल्थ एडवाइजरी

मध्य प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। कई जिलों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। सुबह से ही तेज धूप और दोपहर में चल रही गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

इसी बीच भोपाल स्थित आपदा प्रबंध संस्थान ने लोगों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। संस्थान ने साफ कहा है कि लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए लोगों को गर्मी और लू से बचने के लिए जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए।

दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह

आपदा प्रबंध संस्थान ने लोगों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बेवजह घर से बाहर न निकलें। इस दौरान सबसे ज्यादा गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।

अगर किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो सिर को गमछे, टोपी या छाते से ढककर निकलें। साथ ही हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर को ठंडा रखना इस मौसम में सबसे जरूरी है।

पानी की कमी न होने दें, खान-पान का रखें ध्यान

गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी तेजी से होने लगती है। इसी वजह से स्वास्थ्य विशेषज्ञ बार-बार ज्यादा पानी पीने की सलाह दे रहे हैं। संस्थान ने कहा है कि प्यास न लगे तब भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।

इसके अलावा हल्का और पौष्टिक खाना खाने की सलाह दी गई है। ज्यादा तला-भुना भोजन और कैफीन वाली चीजों जैसे चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाने को कहा गया है। ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ इस मौसम में काफी फायदेमंद माने जा रहे हैं।

लू लगने पर तुरंत करें ये काम

संस्थान ने लू के लक्षणों को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। अगर किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, ज्यादा पसीना या शरीर का तापमान बहुत ज्यादा महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें।

ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत छांव या ठंडी जगह पर ले जाएं। गीले कपड़े से शरीर पोंछें और धीरे-धीरे पानी या ओआरएस पिलाएं। अगर हालत में सुधार न हो तो तुरंत डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग गर्मी की चपेट में जल्दी आते हैं। इसलिए परिवार के लोगों को उनका खास ध्यान रखना चाहिए। बच्चों को धूप में खेलने से रोकें और बुजुर्गों को ज्यादा देर तक बाहर न रहने दें।

स्कूल जाने वाले बच्चों को पानी की बोतल और सिर ढकने के लिए कैप जरूर दें। वहीं बाहर काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों को समय-समय पर आराम और पानी लेना बेहद जरूरी बताया गया है।

प्रशासन भी अलर्ट मोड पर

लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से जुड़े मरीजों के इलाज के लिए तैयारी बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।

आपदा प्रबंध संस्थान का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी लोगों को बड़ी परेशानी से बचा सकती है। इसलिए मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।