MP वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की नियुक्ति पर विवाद, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद बोले “सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती”
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन और उसमें गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा है कि वह वक्फ बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड से जुड़ा मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन और उसमें गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा है कि वह वक्फ बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड से जुड़ा मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और अंतिम फैसला आना बाकी है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा बोर्ड का गठन करना और गैर-मुस्लिम सदस्यों की संख्या बढ़ाना उचित नहीं है।
आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड में दो के बजाय तीन गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट में पहले ही यह तय हो चुका था कि दो से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने वकीलों से चर्चा कर ली है और वह व्यक्तिगत रूप से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपना राजनीतिक जवाब देगी, लेकिन वह कानूनी स्तर पर इस नियुक्ति को चुनौती देंगे।
आरिफ मसूद ने कही सुप्रीम कोर्ट जाने की बात
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मध्यप्रदेश सरकार के वक्फ बोर्ड पुनर्गठन के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड में तीन गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति गलत है क्योंकि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। आरिफ मसूद ने घोषणा की है कि वे इसके खिलाफ व्यक्तिगत रूप से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद सरकार ने जल्दबाजी में निर्णय लिया। मसूद ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी जल्दी क्या थी और क्या राज्य सरकार खुद को सुप्रीम कोर्ट से ऊपर मान रही है जो दो की जगह तीन गैर-मुस्लिम सदस्यों को नियुक्त कर दिया गया।
मोहन सरकार ने किया वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है। इसीके साथ नए संशोधित कानूनी ढांचे के तहत वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। नए वक्फ बोर्ड में कुल 10 सदस्य शामिल किए गए हैं। सरकार ने इंदौर के मनोज मालपानी और गुना जिले के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को गैर-मुस्लिम सदस्य के रूप में नियुक्त किया है, जबकि सनवर पटेल को दोबारा बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। इस अधिनियम के तहत पहली बार यह प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक राज्य वक्फ बोर्ड में कम सेकम दो गैर-मुस्लिम सदस्य होंगे। इससे पहले वक्फ अधिनियम-1995 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड के सदस्य सिर्फ मुस्लिम समुदाय से ही हो सकते थे।