मध्य प्रदेश मौसम का ताजा हाल, बुधवार को 16 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, कुछ जगहों पर चलेगी हीटवेव, मानसून की दस्तक जल्द

मानसून की दस्तक से पहले मध्यप्रदेश में मौसम के दो रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ तापमान बढ़ने से गर्मी और उमस हो रही है वही दूसरी तरफ चक्रवाती परिसंचरण के असर से कई जिलों में आंधी-बारिश की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को भी 16 जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश की

Jun 10, 2026 - 09:30
मध्य प्रदेश मौसम का ताजा हाल, बुधवार को 16 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, कुछ जगहों पर चलेगी हीटवेव, मानसून की दस्तक जल्द

मानसून की दस्तक से पहले मध्यप्रदेश में मौसम के दो रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ तापमान बढ़ने से गर्मी और उमस हो रही है वही दूसरी तरफ चक्रवाती परिसंचरण के असर से कई जिलों में आंधी-बारिश की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को भी 16 जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

साथ ही बुधवार-गुरुवार ( 10 व 11 जून 2026) को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीटवेव की संभावना जताई गई है। हालांकि 12 जून से फिर बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओले गिर सकते हैं। इसके असर से तापमान में भी 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी देखने को मिल सकती है।

मंगलवार को खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं प्रदेश के 26 शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में पारा 40 डिग्री के आसपास रहा। लेकिन ग्वालियर में 42.8 डिग्री दर्ज हुआ।

बता दें कि मौसम विभाग ने इस वर्ष प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई है, हालांकि प्रदेश के 14 जिलों में अब तक 100 प्रतिशत से लेकर 672 प्रतिशत तक अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। 1 से 9 जून के बीच प्रदेश में औसतन आधा इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। निवाड़ी में सामान्य 1.9 मिमी के मुकाबले 14.7 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो 672 प्रतिशत अधिक है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जून 2026 को पूर्वोत्तर भारत के शेष भागों, संपूर्ण सिक्किम तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ भागों में आगे बढ़ गया है। आगामी 4-5 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य अरब सागर के कुछ और भागों, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु एवं दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के शेष भागों, पश्चिम-मध्य एवं उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ और भागों तथा पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड एवं बिहार के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं, ऐसे में 15 से 20 जून के बीच प्रदेश में मानसून की दस्तक होने की प्रबल संभावना है।  मानसून के सबसे पहले मध्यप्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में प्रवेश करने के प्रबल संकेत हैं। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार 3-4 दिन की देरी से आने की संभावना जताई जा रही है। पिछले वर्ष मानसून एक दिन की देरी से 16 जून को पहुंचा था।

बुधवार को 16 जिलों में बारिश का अलर्ट

बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।