TMC सांसद प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, 4 दिन में पार्टी को तीसरा झटका

ममता बनर्जी को अपने सांसदों से एक के बाद एक झटके मिल रहे हैं। पश्चिम बंगाल ने हुई TMC की हार के बाद पार्टी में अंदरूनी कलह देखने को मिल रही है। एक के बाद एक इस्तीफों की झड़ी लगी हुई है। अब 11 जून को टीएमसी के एक और राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक

Jun 11, 2026 - 12:30
TMC सांसद प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, 4 दिन में पार्टी को तीसरा झटका

ममता बनर्जी को अपने सांसदों से एक के बाद एक झटके मिल रहे हैं। पश्चिम बंगाल ने हुई TMC की हार के बाद पार्टी में अंदरूनी कलह देखने को मिल रही है। एक के बाद एक इस्तीफों की झड़ी लगी हुई है। अब 11 जून को टीएमसी के एक और राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि इसके पहले बीते ही दिन सुष्मिता देव और उनसे पहले सुखेंदु शेखर रॉय राज्यसभा के पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे चुके हैं।

खबरों के मुताबिक प्रकाश जल्द ही राज्यसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपने वाले हैं। एक के बाद एक मिले इस्तीफे के बाद अब राज्यसभा में टीएमसी के 10 सांसद बचे हैं। आने वाले दिनों में और सांसदों के इस्तीफे सामने आने की संभावना जताई जा रही है। यह कयास लगाए जा रहे हैं कि एक हफ्ते के भीतर पार्टी के तीन और राज्यसभा सांसद अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

प्रकाश चिक ने दिया इस्तीफा

टीएमसी के राज्य सभा सांसद प्रकाश चिक का जो त्यागपत्र सामने आया है। उसमें लिखा है मैं राज्यसभा सदस्यता से तत्काल प्रभाव इस्तीफा देता हूं, कृपया इसे स्वीकार कर लें। मैं माननीय उपसभापति महोदय और राज्यसभा सचिवालय के सभी पदाधिकारी का राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान दिए गए सहयोग और सहायता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।

 

TMC में बढ़ी भीतरी कलह?

बता दें कि प्रकाश राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले तीसरे संसद हैं। उनसे पहले बुधवार को राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दिया था। वहीं सबसे पहले ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले सीनियर नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा दिया था। ये इस्तीफे तब सामने आ रहे हैं जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार और बगावत की वजह से पार्टी के भीतर कलह और और असंतोष बढ़ता जा रहा है। इस्तीफों का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है लेकिन संसद में ममता बनर्जी की पार्टी का ग्राफ नीचे गिरता जा रहा है।