कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को अरविंद केजरीवाल का मिला समर्थन, बोले – ‘ये युवाओं के गुस्से की आवाज’

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन ने देशभर का ध्यान खींचा है। दरअसल इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए, जिनमें स्कूली छात्र, कॉलेज स्टूडेंट्स और युवा प्रोफेशनल्स भी मौजूद रहे। वहीं प्रदर्शन के दौरान कई युवा कॉकरोच के मुखौटे पहनकर और हाथों

Jun 6, 2026 - 21:30
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को अरविंद केजरीवाल का मिला समर्थन, बोले – ‘ये युवाओं के गुस्से की आवाज’

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन ने देशभर का ध्यान खींचा है। दरअसल इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए, जिनमें स्कूली छात्र, कॉलेज स्टूडेंट्स और युवा प्रोफेशनल्स भी मौजूद रहे। वहीं प्रदर्शन के दौरान कई युवा कॉकरोच के मुखौटे पहनकर और हाथों में फूल लेकर पहुंचे, जिसने इस आंदोलन को अलग पहचान दी।

वहीं इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस आंदोलन का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा। केजरीवाल ने लिखा कि “कॉकरोच आंदोलन देश के युवाओं के भारी गुस्से और निराशा की अभिव्यक्ति है। मोदी सरकार को इन्हें राष्ट्रविरोधी कहने के बजाय इनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।”

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग

दरअसल उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी युवाओं की मांगों के साथ खड़ी है और प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाना चाहिए। केजरीवाल के इस बयान के बाद यह आंदोलन और ज्यादा चर्चा में आ गया है। शनिवार, 6 जून को जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवा वहां पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जिम्मेदारी तय करने की मांग की

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। युवाओं का आरोप है कि NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां और पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। वहीं इस आंदोलन में कई स्कूली छात्र अपने माता-पिता के साथ भी पहुंचे थे। इससे साफ दिखा कि यह मुद्दा केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवारों की चिंता भी बन चुका है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

अरविंद केजरीवाल ने भी कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की परेशानियों को नजरअंदाज करना देश के भविष्य को नजरअंदाज करने जैसा है।