खेतों तक पहुंचेगी विज्ञान की ताकत, आज से गांव-गांव किसानों से संवाद करेंगे शिवराज चौहान

देश में खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार आज से ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू कर रही है। इस अभियान का मकसद किसानों को वैज्ञानिक खेती के नए तरीकों से जोड़ना और मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए जागरूक करना है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान

Jun 1, 2026 - 10:30
खेतों तक पहुंचेगी विज्ञान की ताकत, आज से गांव-गांव किसानों से संवाद करेंगे शिवराज चौहान

देश में खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार आज से ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू कर रही है। इस अभियान का मकसद किसानों को वैज्ञानिक खेती के नए तरीकों से जोड़ना और मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए जागरूक करना है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में कृषि विशेषज्ञ और वैज्ञानिक सीधे गांवों में पहुंचकर किसानों को जानकारी देंगे।

कृषि मंत्रालय के अनुसार, बदलते मौसम, घटती उपजाऊ क्षमता और बढ़ते कृषि खर्च को देखते हुए यह अभियान तैयार किया गया है। इसके तहत किसानों को संतुलित खाद उपयोग, पानी बचाने की तकनीक, फसल प्रबंधन और प्राकृतिक खेती के फायदों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। सरकार का मानना है कि सही जानकारी और वैज्ञानिक सलाह से खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

खेत बचाओ अभियान में किसानों को क्या मिलेगा?

रायसेन जिले के रामसिया गांव से शुरू होने वाले इस अभियान में कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विश्वविद्यालय, आईसीएआर संस्थान और विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये टीमें गांव-गांव जाकर किसानों के साथ बैठकें करेंगी और खेतों पर ही व्यावहारिक जानकारी देंगी।

अभियान के दौरान मिट्टी परीक्षण, सॉयल हेल्थ कार्ड, जैविक और प्राकृतिक खेती, हरी खाद के उपयोग, कम बारिश की स्थिति में वैकल्पिक खेती और जल संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। इसके अलावा किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशकों की पहचान करना भी सिखाया जाएगा। विशेषज्ञ बताएंगे कि गलत कृषि सामग्री के इस्तेमाल से फसल उत्पादन पर क्या असर पड़ता है और इससे कैसे बचा जा सकता है। सरकार चाहती है कि किसान केवल उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मिट्टी और पर्यावरण को बचाने पर भी ध्यान दें।

शिवराज चौहान का फोकस

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अभियान को खेती और किसानों के भविष्य से जुड़ा बड़ा कदम बताया है। उनका कहना है कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की खेती को सुरक्षित रखने का राष्ट्रीय प्रयास है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कृषि संस्थानों से इस अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते रासायनिक उर्वरकों के उपयोग और जलवायु परिवर्तन के कारण खेती नई चुनौतियों का सामना कर रही है। कई इलाकों में मिट्टी की उर्वरता कम हो रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है। ऐसे समय में किसानों को सही तकनीक और वैज्ञानिक सलाह देना बेहद जरूरी है। ‘खेत बचाओ अभियान’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे किसानों को नई जानकारी मिलेगी और आने वाले वर्षों में खेती को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और लाभदायक बनाया जा सकेगा।

 

 

 

 

 

 

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।