परीक्षा रद्द और तकनीकी गड़बड़ियों के खिलाफ KYS का विरोध प्रदर्शन, शिक्षा मंत्रालय के बाहर की नारेबाजी, NTA पर लगाए गंभीर आरोप
देशभर में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के बाहर सोमवार को क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। राजधानी दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय के मुख्यालय के सामने एकत्र हुए केवाईएस के सदस्यों ने परीक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार की
देशभर में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के बाहर सोमवार को क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। राजधानी दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय के मुख्यालय के सामने एकत्र हुए केवाईएस के सदस्यों ने परीक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। हाथों में तख्तियां लिए और एनटीए विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
संगठन ने विशेष रूप से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के कामकाज की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई। उनका कहना था कि जब तक एनटीए की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच नहीं होती, छात्रों का विश्वास बहाल नहीं हो पाएगा और परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लगातार प्रश्नचिह्न लगा रहेगा। केवाईएस ने तर्क दिया कि एनटीए, जो देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करता है, अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में लगातार विफल रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है।
केवाईएस ने आरोप लगाया कि हाल ही में नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था, जिसके चलते परीक्षा को रद्द करना पड़ा। यह घटना एनटीए की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। संगठन ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल छात्रों के मनोबल को तोड़ती हैं, बल्कि पूरी शिक्षा प्रणाली की अखंडता पर भी संदेह पैदा करती हैं।
NTA की तैयारियों पर उठे गंभीर सवाल
इसके अलावा, 30 मई को आयोजित कई अन्य परीक्षाओं के दौरान भी देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी और सर्वर संबंधी गंभीर समस्याओं ने हजारों छात्रों को परेशानी में डाल दिया। संगठन ने बताया कि कई केंद्रों पर तो परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू ही नहीं हो पाई, जिससे अभ्यर्थियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ जगहों पर तो स्थिति इतनी बिगड़ गई कि परीक्षा को रद्द तक करना पड़ा, जिससे छात्रों को मानसिक और शैक्षणिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ा और उनका बहुमूल्य समय बर्बाद हुआ। इन तकनीकी खामियों ने एनटीए की तैयारियों और बुनियादी ढांचे पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।
संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि एनटीए की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है और परीक्षा आयोजन में यह अनियमितताएं कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि इन गंभीर अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। केवाईएस ने कहा कि केवल जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई से ही छात्रों में विश्वास बहाल हो सकेगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
केवाईएस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की भी मांग की। संगठन ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और परीक्षा व्यवस्था में मूलभूत सुधार नहीं होते, छात्रों के साथ न्याय संभव नहीं है। प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया और एनटीए की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और त्वरित समाधान प्रस्तुत करना चाहिए। यह प्रदर्शन छात्रों के बढ़ते असंतोष और परीक्षा प्रणाली में सुधार की उनकी अटल मांग को दर्शाता है।