मध्य प्रदेश मौसम पर अपडेट, 7 जून तक छाए रहेंगे बादल, गुरुवार को 39 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, गिर सकते हैं ओले
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम एकदम से बदल गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर जारी है। बुधवार (3 जून 2026) को एक दर्जन से ज्यादा जिलों में बारिश हुई और तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। गुरुवार (4 जून 2026) को मौसम
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम एकदम से बदल गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर जारी है। बुधवार (3 जून 2026) को एक दर्जन से ज्यादा जिलों में बारिश हुई और तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। गुरुवार (4 जून 2026) को मौसम विभाग ने 39 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
बीते दिन रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री, इंदौर का 38.5 डिग्री, ग्वालियर का 38.9 डिग्री, उज्जैन का 39.5 डिग्री और जबलपुर का 39.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, 4 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में विभिन्न अक्षांशों और देशांतरों से होकर गुजर रही है। वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, एक ट्रफ और चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, इसके असर से 7 जून तक मौसम का मिजाज यूही बने रहने का अनुमान है। मानसून के 20 से 22 जून के बीच मध्य प्रदेश में पहुंचने का अनुमान है। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार 5 से 7 दिन देर से आने की संभावना जताई जा रही है।
गुरुवार को इन जिलों में अलर्ट जारी
- नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
- भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग के अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं।