इस राज्य के कर्मचारियों को CPS से OPS में स्वीच करने का मिला एक मौका, ये होंगे पात्र, जानिए नियम और अन्य डिटेल्स
आंध्र प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम (CPS) के तहत आने वाले कुछ कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का एकमुश्त (One-time) विकल्प दे दिया है। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा 13 जुलाई 2026 को आधिकारिक आदेश (G.O.Ms.No. 53) जारी किया गया है। इससे लगभग
आंध्र प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम (CPS) के तहत आने वाले कुछ कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का एकमुश्त (One-time) विकल्प दे दिया है। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा 13 जुलाई 2026 को आधिकारिक आदेश (G.O.Ms.No. 53) जारी किया गया है। इससे लगभग 11,000 कर्मचारियों को फायदा होगा।
कौन होंगे पात्र
यह लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी भर्ती का विज्ञापन या नोटिफिकेशन 1 सितंबर 2004 से पहले जारी किया गया था। ऐसे कर्मचारी जिन्होंने 1 सितंबर 2004 को या उसके बाद नौकरी जॉइन की थी और वर्तमान में CPS (NPS का राज्य संस्करण) के अंतर्गत आते हैं, वे इसके हकदार होंगे। चूंकि इन कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया CPS लागू होने से पहले शुरू हो गई थी। बता दें कि आंध्र प्रदेश में 1 सितंबर 2004 से पुरानी पेंशन योजना की जगह CPS (Contributory Pension Scheme) लागू है। इससे पहले केंद्र सरकार 1 जनवरी 2004 से NPS (National Pension System) लागू कर चुकी थी।
सिर्फ एक बार मिलेगा मौका
अगर कोई कर्मचारी OPS चुनता है, तो वह बाद में दोबारा CPS (Contributory Pension Scheme) में नहीं लौट सकता। जो कर्मचारी पुरानी पेंशन नहीं चाहते, वे वर्तमान CPS व्यवस्था में बने रह सकते हैं। इस बदलाव के बाद योग्य कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद नियमित सर्विस पेंशन और फैमिली पेंशन के हकदार हो जाएंगे।
कैसे मिलेगा लाभ
पात्र कर्मचारियों को आदेश जारी होने की तारीख (13 जुलाई 2026) से 3 महीने के भीतर निर्धारित फॉर्मेट में अपना विकल्प जमा करना होगा। आवेदन के साथ नियुक्ति आदेश और जॉइनिंग के दस्तावेज जमा करने होंगे ताकि पात्रता की जांच की जा सके। कर्मचारियों के अब तक जमा CPS कॉर्पस (फंड) को OPS में कैसे ट्रांसफर किया जाएगा, कर्मचारी OPS का विकल्प कैसे चुनेंगे और CPS में जमा राशि का आगे क्या होगा। इसके लिए वित्त विभाग और कोषागार विभाग जल्द ही विस्तृत गाइडलाइंस जारी करेंगे।