“कांग्रेस ऐसी विपक्षी पार्टी है जो टूट नहीं रही..” BJP-RSS का मुकाबला करने में सक्षम, राहुल गांधी का बड़ा बयान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार (11 जून 2026) को कांग्रेस महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने देश की मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर अपनी बात रखी, जिसमें केंद्र सरकार की नीतियों पर

Jun 11, 2026 - 19:30
“कांग्रेस ऐसी विपक्षी पार्टी है जो टूट नहीं रही..” BJP-RSS का मुकाबला करने में सक्षम, राहुल गांधी का बड़ा बयान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार (11 जून 2026) को कांग्रेस महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने देश की मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर अपनी बात रखी, जिसमें केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए गए।

राहुल गांधी ने कहा कि देश में कांग्रेस एकमात्र ऐसी विपक्षी पार्टी है जो टूट नहीं रही है और केवल वही बीजेपी तथा आरएसएस का मुकाबला करने में सक्षम है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में टूट की खबरें लगातार आ रही हैं। पहले विधायकों और सांसदों के अलग-अलग गुट बनाने के बाद टीएमसी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ने के कगार पर पहुंच गई है।

सूत्रों के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ही बीजेपी और आरएसएस को चुनौती दे सकती है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस या किसी अन्य विपक्षी दल का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन अपनी बात पर जोर दिया कि केवल उनकी पार्टी में ही यह क्षमता है। उनका यह भी कहना था कि अगले एक-दो साल में कांग्रेस और अधिक मजबूत होगी तथा बीजेपी-आरएसएस का डटकर मुकाबला करेगी।

पीएम मोदी ने देश की हालत कर दी खराब: राहुल गांधी

बैठक के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश की नाजुक आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने देश की हालत खराब कर दी है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि देश के सामने जो आर्थिक चुनौती खड़ी हुई है, उसका एकमात्र कारण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां नहीं हैं, बल्कि यह मोदी सरकार की आर्थिक नीति और विदेश नीति का सीधा परिणाम है। उन्होंने यह दावा भी किया कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और अंडमान-निकोबार जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आदिवासियों से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों को कमजोर किया जा रहा है ताकि कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा सके।

इस बीच, दिल्ली में करीब दो साल बाद इंडिया गठबंधन की एक बैठक हुई थी, जिसमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हुई थीं। इस बैठक के बाद उन्होंने दो बार सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में विलय होने की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, कांग्रेस ने इन अटकलों का खंडन करते हुए साफ किया कि टीएमसी का कांग्रेस में कोई विलय नहीं होगा। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में कहा कि ये पूरी तरह से बेबुनियाद अफवाहें हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की थी, लेकिन यह एक सामान्य बातचीत थी, क्योंकि वे इंडिया गठबंधन का ही हिस्सा हैं।