“बंगाल में खेल क्षेत्र रहा अंधकार युग में..” मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने TMC पर बोला हमला, कहा- खिलाड़ियों के साथ हुआ लगातार भेदभाव
पश्चिम बंगाल में खेल के क्षेत्र को अंधकार युग बताते हुए राज्य के खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने पिछली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 वर्षों का दौर बंगाल के लिए अंधकार युग के समान रहा है। मंत्री प्रमाणिक ने यह भी कहा कि वर्तमान में
पश्चिम बंगाल में खेल के क्षेत्र को अंधकार युग बताते हुए राज्य के खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने पिछली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 वर्षों का दौर बंगाल के लिए अंधकार युग के समान रहा है। मंत्री प्रमाणिक ने यह भी कहा कि वर्तमान में राज्य में बदलाव और विकास की एक नई शुरुआत देखी जा रही है, जो खेल सहित सभी क्षेत्रों को प्रभावित करेगी।
मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके कार्यकाल में सिर्फ राजनीति और विकास ही नहीं, बल्कि खेल क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि बीते वर्षों में बच्चों और युवा खिलाड़ियों के साथ लगातार भेदभाव किया जाता रहा है। प्रमाणिक ने वर्तमान सरकार का लक्ष्य स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य बंगाल के बच्चों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और राज्य के खेल क्षेत्र को एक नई दिशा देना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नेशनल स्पोर्ट्स कोड को अपनाया गया है, ताकि खेल गतिविधियों में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने खेल प्रशासन पर भी तीखा निशाना साधा। प्रमाणिक ने घोषणा की कि पूर्व खेल मंत्री के भाई द्वारा किए गए कथित कार्यों की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने भी खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रमाणिक ने बंगाल ओलंपिक से संबंधित कथित घोटाले की भी जांच कराने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि इस घोटाले के पीछे शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि खेल क्षेत्र में भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त हो सके।
कोलकाता मेयर के इस्तीफे पर भी बोले मंत्री प्रमाणिक
कोलकाता के मेयर पद से फिरहाद हकीम के इस्तीफे की चर्चा पर भी मंत्री प्रमाणिक ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिरहाद हकीम को यह पद काफी पहले ही छोड़ देना चाहिए था। प्रमाणिक ने आगे कहा कि सिर्फ फिरहाद हकीम ही नहीं, बल्कि ऐसे सभी काउंसलर और कमिश्नर जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करना चाहते, उन्हें भी अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। ऐसा करने से नए और योग्य व्यक्तियों को कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा और शहर के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति पर दबाव नहीं डाला जा रहा है, बल्कि लोग अपनी इच्छा से स्वयं इस्तीफा दे रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
उस्मान हादी हत्याकांड के संबंध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणियों पर भी निसिथ प्रमाणिक ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए जा रहे बयान समाज में गलत संदेश प्रसारित कर रहे हैं और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। प्रमाणिक ने जानकारी दी कि इस मामले में दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून के अनुसार ही इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों को सजा मिलेगी, चाहे वे कोई भी हों।