इंदौर-मुंबई हाईवे पर बनेगा नर्मदा का नया पुल, खलघाट जाम से मिलेगी बड़ी राहत

इंदौर से मुंबई को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-52 आने वाले वर्षों में पूरी तरह नए स्वरूप में नजर आ सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस महत्वपूर्ण मार्ग को सिक्स लेन में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है, जिसे दिसंबर

May 31, 2026 - 09:30
इंदौर-मुंबई हाईवे पर बनेगा नर्मदा का नया पुल, खलघाट जाम से मिलेगी बड़ी राहत

इंदौर से मुंबई को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-52 आने वाले वर्षों में पूरी तरह नए स्वरूप में नजर आ सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस महत्वपूर्ण मार्ग को सिक्स लेन में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है, जिसे दिसंबर 2026 तक मुख्यालय को सौंपने की योजना है।

इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण खलघाट क्षेत्र में नर्मदा नदी पर बनने वाला नया पुल होगा। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि भविष्य में यात्रियों को जाम और धीमी रफ्तार जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

नर्मदा नदी पर नया पुल बनेगा, ट्रैफिक होगा आसान

खलघाट में वर्तमान समय में दो पुल मौजूद हैं, लेकिन लगातार बढ़ रहे वाहनों के कारण इन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2010 में बने पुल के समानांतर एक नया तीन लेन का पुल बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके बाद दोनों पुलों का उपयोग अलग-अलग दिशाओं के यातायात के लिए किया जाएगा।

करीब 40 साल पुराने पुल को स्थानीय और ग्रामीण यातायात के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इससे भारी और लंबी दूरी के वाहनों का दबाव अलग मार्ग पर शिफ्ट हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था न केवल ट्रैफिक जाम कम करेगी, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी घटाएगी। इंदौर और मुंबई के बीच यात्रा करने वाले व्यापारियों, पर्यटकों और मालवाहक वाहनों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। आने वाले समय में यह पुल क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।

ब्लैक स्पॉट सुधार और फ्लाईओवर से बढ़ेगी सड़क सुरक्षा

सिर्फ सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि सुरक्षा को भी इस परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। एनएचएआई पूरे मार्ग पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान करेगा और उन्हें स्थायी रूप से सुधारने की योजना बनाएगा। विशेष रूप से बिजासन घाट क्षेत्र के खतरनाक मोड़ों को नए डिजाइन के साथ विकसित किया जाएगा।

इसके अलावा हाईवे से जुड़े शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में सर्विस रोड, फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जाएंगे। इससे स्थानीय यातायात और हाईवे ट्रैफिक को अलग-अलग संचालित किया जा सकेगा। आधुनिक साइन बोर्ड, बेहतर लाइटिंग, उन्नत ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और मजबूत जल निकासी व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार जल्द ही विस्तृत सर्वे शुरू होगा, जिसके आधार पर अंतिम डिजाइन तैयार किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर से मुंबई तक का सफर पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और आरामदायक बनने की उम्मीद है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए यह परियोजना मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सड़क संपर्क को नई मजबूती देने वाली साबित हो सकती है।