मालवीय नगर अग्निकांड: अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिलीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मुआवजे का किया ऐलान

मालवीय नगर अग्निकांड के 26 घंटे बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को मैक्स अस्पताल पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने इस भीषण हादसे में घायल हुए लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने घायलों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की, उन्हें ढांढस बंधाया

Jun 4, 2026 - 16:30
मालवीय नगर अग्निकांड: अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिलीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मुआवजे का किया ऐलान

मालवीय नगर अग्निकांड के 26 घंटे बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को मैक्स अस्पताल पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने इस भीषण हादसे में घायल हुए लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने घायलों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की, उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल के डॉक्टरों के साथ चल रहे इलाज की गहन समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन से घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए। साथ ही, अधिकारियों को सभी आवश्यक सहायता तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया। रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर पीड़ितों के लिए मुआवजे का महत्वपूर्ण ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि अग्निकांड में जान गंवाने वाले 21 लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, हादसे में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित किया कि घायलों के चिकित्सा खर्च की पूरी व्यवस्था अस्पताल प्रशासन के समन्वय से की जाएगी, ताकि प्रत्येक मरीज को सर्वोत्तम संभव देखभाल मिले और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। दिल्ली सरकार ने मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घरों तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की है। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया कि वह इस कठिन घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और शोक संतप्त परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहने का संबल मिलने की प्रार्थना की।

अग्निकांड में कुल 21 लोगों की दर्दनाक मौत

बता दें कि इस भीषण अग्निकांड में कुल 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिस होटल में आग लगी थी, उसे केवल छह कमरों के संचालन की ही इजाजत मिली थी, लेकिन उसमें अवैध रूप से 20-25 कमरे बनाए गए थे। पुरानी स्कीम के तहत मकान मालिक को अधिकतम 10-12 बेड यानी एक से छह कमरों तक के लिए ही लाइसेंस मिल सकता था। हालांकि, मालवीय नगर के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट और होटल फ्लोरिस स्टे में नियमों का उल्लंघन करते हुए 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे।

होटल मालिक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

इस मामले में मालवीय नगर स्थित जिस होटल में आग लगी थी, उसके मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लवकेश बजाज के उस इलाके में दो-तीन अन्य होटल भी हैं। पुलिस के अनुसार, लवकेश ने होटल का पूरा कामकाज जय मिश्रा नाम के व्यक्ति को सौंप रखा था और सभी लाइसेंस जय मिश्रा के नाम से ही लिए गए थे। बी एंड बी स्कीम के तहत होटल को केवल छह कमरों का लाइसेंस मिला था। गिरफ्तारी के बाद लवकेश ने खुद स्वीकार किया कि होटल में 25 कमरे थे, जबकि उसे केवल छह कमरों की ही अनुमति थी। लवकेश ने यह प्रॉपर्टी तीन साल पहले खरीदी थी। जांच से पता चला है कि होटल फ्लोरिश में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। आग लगने के वक्त लवकेश होटल के पास ही मौजूद था, लेकिन डर के चलते वह मौके से भाग गया था। पुलिस अब जय मिश्रा को खोजने के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।